बढ़ेंगी भारतीयों की मुश्किलें, एच-1 बी वीजा के कार्यकारी आदेश पर ट्रंप आज करेंगे साइन
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भारतीयों सहित बाकी देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका जाने का सबसे लोकप्रिय एच-1 बी वीजा प्रोग्राम में बदलाव किए जाने वाला है। अमेरिका की आव्रजन नीतियों को सुधारने का वादा कर सत्ता में आए डोनाल्ड ट्रंप मंगलावर को एच-1 बी वीजा प्रोग्राम में बदलाव के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे।
यह कार्यकारी आदेश संघीय एजेंसियों को उच्च-कुशल नौकरियों को भरने के लिए अमेरिका में विदेशी वर्कर्स को लाने के लिए इस्तेमाल होने वाले अस्थायी वीजा कार्यक्रम में बदलाव की सिफारिश के लिए निर्देशित करेगा।
ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स से बातचीत में बताया कि ट्रंप 'बाई अमेरिकन एंड हायर अमेरिकन' आदेश का संघीय अनुबंधों में अमेरिकी उत्पादों की खरीद को बढ़ाने के लिए सरकारी खरीद प्रैक्टिस में बदलाव के लिए भी उपयोग करेंगे ।
ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर 100 दिन पूरे होने वाले हैं
ट्रम्प का एच-1 बी वीजा प्रोग्राम में बदलाव उनके द्वारा चलाए गए 'अमेरिका फर्स्ट' अभियान के दौरान किए गए वादों को लागू करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस अभियान में ट्रंप ने अमेरिकी अप्रवासी नीतियों में सुधार और अमेरिकी उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित करने का वादा किया था।
माना जा रहा है कि चूंकि ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर 100 दिन पूरे होने वाले हैं, इस दौरान उनके द्वारा उठाए गए कदमों में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, इसलिए वह कार्यकारी आदेश का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिकी सरकार हर साल लॉटरी के जरिए 65,000 वीजा देती है। इसके अलावा ग्रेजुऐट छात्रों को भी 20,000 दिए जाते हैं।
हर साल अमेरिका का एच-1 बी वीजा हासिल करने के लिए विदेशी नागरिक बड़ी संख्या में आवेदन करते हैं। लेकिन इस बार आवेदनकर्ताओं की संख्या में काफी कमी आई है। अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा के अनुसार, 2016 में एच -1 बी वीसा के लिए आवेदनों की संख्या 2 लाख 36 हजार थी, जो इस साल घटकर सिर्फ 1 लाख 99 हजार रह गई है।