चीन की फ्लाइट से सिंगापुर पहुंचे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग, बैठक से पहले ट्रंप ने दी चेतावनी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन चीन की फ्लाइट से सिंगापुर पहुंच चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच होने वाले ऐतिहासिक सम्मेलन की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। बता दें कि यह सम्मेलन 12 जून को सिंगापुर में होना है। इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरे टिकी हुई हैं। वहीं, सिंगापुर में भी इस शिखर सम्मेलन की चर्चा जोरों पर है।
इससे पहले, कनाडा में शनिवार को G7 सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग और अपनी बैठक का जिक्र करते हुए कहा, 'उन्हें उम्मीद है कि प्योंगयांग कुछ सकारात्मक कदम उठाएगा क्योंकि किम जानते हैं कि यह उनके लिए आखिरी मौका है।'
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा है कि किम के साथ मंगलवार को होने वाली मुलाकात शांति का मिशन है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि किम जोंग अपने लोगों, खुद के लिए और अपने परिवार के लिए कुछ सकारात्मक करना चाहते हैं क्योंकि उनके पास आगे ये अवसर नहीं होगा।'
वहीं, ट्रंप ने ये बात भी स्वीकार की है कि वह अभी इस वार्ता की सफलता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान वह एक मिनट में ही समझ जाएंगे कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों को छोड़ने के लिए कितना गंभीर है। उन्होंने कहा कि वह इस वार्ता में सकारात्मक रवैये के साथ जा रहे हैं, यह क्षेत्र वैसे तो सही रूप से अंजान क्षेत्र है लेकिन वह वाकई आश्वस्त हैं।
बता दें इससे पहले ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि यदि यह समिट सफल होता है तो वह किम को वाइट हाउस आने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने यह बात जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही थी।
उन्होंने यह भी कहा था कि "किम ने एक बार वार्ता रद्द करने की बात कही थी लेकिन मुझे विश्वास है कि किम अपने, अपने परिवार और अपने देश के लोगों के लिए कुछ करना चाहते हैं।" ट्रंप ने आगे कहा था कि वह 12 जून को होने वाले समिट में किम जोंग से मिलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह वार्ता सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी।
North Korean Leader Kim Jong Un arrives in #Singapore ahead of meeting with US President Donald Trump on June 12. pic.twitter.com/In1mwQfNMz
— ANI (@ANI) June 10, 2018
2500 पत्रकार करेंगे कवर
ट्रंप ने कहा था कि इस ऐतिहासिक वार्ता के लिए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन बहुत सहायक रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इस वार्ता से उत्तर कोरिया का भविष्य सुधरेगा। बता दें कि इस समिट को दुनियाभर के लगभग 2500 पत्रकार कवर करेंगे। इससे पहले इस वार्ता को लेकर अनिश्चितता का माहौल चल रहा था।
ट्रंप ने कहा था, "मैं बहुत अच्छे से तैयार हूं। मुझे नहीं लगता कि मुझे और ज्यादा तैयारी करने की जरूरत है। मुझे लगता है कि मैं समिट के लिए लंबे वक्त से तैयारी कर रहा हूं।" इससे पहले व्हाइट हाउस ने पुष्टि की थी कि दोनों नेताओं की मुलाकात सिंगापुर के सेनटोसा द्वीप पर होगी। समुद्री डाकुओं के अड्डे के नाम से मशहूर ये द्वीप सिंगापुर के 63 द्वीपों में से एक है।
12 जून को होने वाली इस वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाहें रहेंगी। दोनों नेताओं के बीच बीते वक्त से काफी गरम माहौल देखा गया था। दरअसल अमेरिका चाहता है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को खत्म कर दे। जिस पर उत्तर कोरिया की ओर से जवाब में कहा गया था कि यदि अमेरिका उस पर ऐसा कोई दवाब डालेगा तो वह ये वार्ता रद्द् कर देगा। लेकिन दोनों देशों के अधिकारी काफी वक्त से इस समिट की तैयारियों में लगे हुए हैं। अब 12 जून के बाद ही पता चल पाएगा कि ये वार्ता दोनों देशों के साथ साथ विश्व शांति के लिए भी कितनी सार्थक सिद्ध होती है।
बता दें कि ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि वह इस बैठक के लिए अच्छे से तैयार हैं और इसके लिए बहुत ज्यादा तैयारी करने की जरूरत नहीं है। साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर समिट में सबकुछ ठीकठाक रहा तो वह किम जोंग उन को वाइट हाउस आने का न्योता भी देना चाहेंगे।