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नए साल पर पाक को लगेगा बड़ा झटका, आर्थिक मदद रोकने की तैयारी में अमेरिका

Sat, 30 Dec 2017 02:01 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Sat, 30 Dec 2017 02:01 PM IST
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Trump administration has foreshadowed a cutoff in recent days with harsher language with pakistan
फाइल फोटो
कनेडियन परिवार के अपहरण के बाद अमेरिका और पाकिस्तान के बीच की तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कनेडियन परिवार के अपहरण के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए धमकी दी थी कि हर साल हम पाकिस्तान को बड़ी आर्थिक सहायता देते हैं और उन्हें हमारे नागरिकों की मदद करनी होगी।
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उसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने  255 मिलियन डॉलर की सहायता को रोक लिया था। जो यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान से खफा है और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा कार्रवाई न किए जाने से नाराज भी है। और पाकिस्तान को यह सीधे तौर पर बता रहा है कि वह उसके रहमों करम है। 
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अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंध आतंकवाद को लेकर लंबे समय से तनावपूर्ण बना हुआ है लेकिन कनेडियन कपल के आतंकी संगठनों द्वारा पाक की सरजमी पर रखे जाने और अपहरण किए जाने के बाद मामला और बढ़ गया है। 

 राष्ट्रपति ट्रंप ने तभी घोषणा की थी कि पाकिस्तान अराजकता, हिंसा और आतंकवाद फैलाने वाले लोगों को पनाहगाह देता रहा है। बता दें की अमेरिका पाकिस्तान को 2002 से अभी तक 33 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दे चुका है वहीं अगस्त में अमेरिका ने पाकिस्तान को 255 मिलियन डॉलर की सहायता को रोक लिया था। अमेरिका ने अगस्त में कहा था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादी समूहों के खिलाफ और अधिक कार्रवाई नहीं करता, तब तक वह 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की धनराशि रोक रहा है। 

पाकिस्तान ने अपहृत कनाडाई परिवार से संपर्क नहीं किया था

Trump administration has foreshadowed a cutoff in recent days with harsher language with pakistan
इस महीने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस पर फैसला लेने के लिए मिले कि धनराशि के बारे में क्या किया जाए और अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अंतिम निर्णय आने वाले कुछ हफ्तों में लिया जा सकता है। न्यू यॉर्क टाइम्स अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के काबुल में दिए उस बयान के कुछ दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को नोटिस पर रखे हुए है। 

बता दें कि पाकिस्तान ने अपहृत कनाडाई अमेरिकी परिवार से संपर्क करने से मना कर दिया था जिसके बाद तल्खी दोनों देशों के बीच और बढ़ गई थी ये बात अलग है कि  परिवार को इसी साल छुड़ा लिया गया है। न्यू यॉर्क टाइम्स ने अपनी खबर में लिखा है कि अब ट्रंप प्रशासन इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है कि उसे दी जाने वाली सहायता राशि रोकी जानी चाहिए। 

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे सत्ता विरोधी प्रदर्शन का भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और आतंकवाद को प्रश्रय देने की नीतियों की खिलाफत कर रही है। ऐसे में यह ईरानी सरकार की जिम्मेदारी है कि वो लोगों की भावनाओं का सम्मान करे। इस समय पूरी दुनिया की निगाहें इस विरोध प्रदर्शन पर है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा है कि ईरानी सरकार देश की संपत्ति को आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आगे लिखा कि ईरानी सरकार को ईरानी लोगों की धारणाओं का आदर करना चाहिए। पूरी दुनिया उन्हें देख रही है।
पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगाह रहा है और भारत शुरु से ही पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों पर सवाल उठाता रहा है। 
 
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