जीत के लिए ट्रंप को इन चार इलाकों की चुनौती से पाना होगा पार
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप का उम्मीदवार बनना लगभग तय हो गया है। वहीं, डेमोक्रेटिक की ओर से पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन प्रबल दावेदार नजर आ रही हैं। अपनी विवादित बयानबाजी और अमेरिका में विकास की लहर लाने का वादा करके ट्रंप फिलहाल हिलेरी से काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। हालांकि नवंबर में जब ट्रंप की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार से टक्कर होगी, तो उनकी राह आसान नहीं होगी। उनकी राह में चार ऐसे इलाके हैं, जहां उनके बयानों का जादू नहीं चल पाया है और इन इलाकों का समर्थन अमेरिकी राष्ट्रपति तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। ये इलाके हैं, फ्लोरिडा, अपर साउथ-ईस्ट, रस्ट बेल्ट और अंदरूनी वेस्ट।
ट्रंप ने अपनी बयानबाजी से अमेरिकियों को खुश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। श्वेत अमेरिकी बड़ी संख्या में उनके साथ हैं, लेकिन फिर भी उनके लिए ये चार इलाके चुनौती बन सकते हैं। पिछले हफ्तों लिए गए जनमत संग्रह से पता चलता है कि इन इलाकों में ट्रंप को खास कुछ पसंद नहीं किया जाता। ये वो इलाके हैं, जहां से अमेरिकी राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचने के लिए जरूरी 270 इलेक्टोरल वोट मिलते हैं। दूसरी तरफ अगर हिलेरी डेमोक्रेटिक की उम्मीदवार बन जाती हैं, तो इन क्षेत्रों के सहयोग से उनका राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
रिपब्लिकन के लिए आसान नहीं राह
अमेरिका के कम से कम 18 ऐसे राज्य हैं, जिन्होंने 1992 से लेकर अब तक डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के पक्ष में ही वोट डाले हैं। यहां से डेमोक्रेटिक पाटी आसानी से 242 इलेक्टोरल वोट हासिल करने में सफल रही है। वहीं, फ्लोरिडा, अपर साउथ-ईस्ट समेत चार इलाकों में नौ करोड़ से भी ज्यादा वोटर हैं। समय रहते अगर ट्रंप ने इनके बीच बेहतर स्थिति पेश नहीं की, तो उनके लिए जीत तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।