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वैज्ञानिकों की चमत्कारी खोज, अब जानवरों के शरीर में उगेंगे इंसानी अंग
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Sun, 18 Feb 2018 08:19 PM IST
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वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला मानव-भेड़ हाइब्रिड तैयार कर लिया है। दावा है कि इस खोज से जानवरों के शरीर में इंसानी अंग उगाकर उनका मानव शरीर में प्रत्यारोपण किया जा सकेगा।
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डायबिटीज टाइप वन जैसी जटिल बीमारियों का इलाज भी संभव हो जाएगा क्योंकि इससे नया पैनक्रियाज बनाया जा सकेगा, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित कर लेगा। प्रत्यारोपण के लिए दिल, लीवर, किडनी जैसे अंग आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। अभी दुनिया में हर साल लाखों मरीज प्रत्यारोपण के लिए अंग न मिलने के चलते दम तोड़ देते हैं।
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अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस प्रयोग के लिए भेड़ के गर्भ में एक भ्रूण विकसित किया, जिसमें मानव और भेड़ दोनों की कोशिकाएं थीं। अब वैज्ञानिकों की योजना है कि वे भेड़ में स्टेम सेल डालकर विशेष मानव अंग विकसित करेंगे। ज्ञात हो कि स्टेम सेल वे कोशिकाएं होती हैं, जिन्हें विकसित करके अंग तैयार किया जा सकता है। स्टैनफोर्ड के शोधकर्ता पहले भी चूहों के शरीर में नया पैनक्रियाज विकसित कर डायबिटीज टाइप वन का इलाज कर चुके हैं। अब पहली बार भेड़ और इंसान की कोशिकाओं के साथ यही प्रयोग दोहराया गया है।
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जीवन बचाने वाली खोज
मुख्य शोधकर्ता हिरो नाकौची के बताया, हम चूहों का नया पैनक्रियाज बनाकर डायबिटीज का इलाज कर चुके हैं। अगले पांच से दस साल में यह प्रयोग इंसानों पर सफल हो जाएगा। इस तकनीक से अंग ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे अंग भी विकसित किए जा सकेंगे। अमेरिका में हर साल 76 हजार और ब्रिटेन 6500 प्रत्यारोपण होता है। वहीं अंग की कमी से 32 लोग हर रोज जान गवां देते हैं। यानी यह जीवन बचाने वाली खोज है।
यूं बनाया हाइब्रिड
भेड़ के डीएनए में होल कर कुछ जगह बनाई गई। फिर भेड़ का भ्रूण तैयार कर उसमें मानव स्टेम सेल डाली गईं। इससे जो भ्रूण विकसित हुआ, उसमें भेड़ के साथ इंसानी कोशिकाएं थीं। इसी तकनीक से भेड़ के शरीर में इंसानी अंग उगाए जा सकेंगे।