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अपने भले के लिए आतंक के सुरक्षित ठिकानों पर खुद कार्रवाई करे पाक : अमेरिका
एजेंसी / वाशिंगटन
Updated Sun, 03 Dec 2017 06:35 AM IST
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जिम मैटिस
पाकिस्तान दौरे से ठीक पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पाक को एक बार फिर लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान अपने भले के लिए आतंक के सुरक्षित ठिकानों पर खुद कार्रवाई करे।
पेंटागन ने कहा कि मध्य पूर्व, पश्चिमी अफ्रीका और दक्षिण एशिया के साथ संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से अपनी यात्रा के दौरान मैटिस मिस्र, जॉर्डन, पाकिस्तान और कुवैत जाएंगे। मैटिस सोमवार 4 दिसंबर को पाकिस्तान पहुंचेंगे। यहां पर वे प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी और सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से मुलाकात करेंगे। मिस्र में मैटिस ने कहा कि अफगानिस्तान में हमने सुना है कि पाकिस्तान के नेता आतंकवाद को समर्थन न देने की बात करते हैं।
पढ़ें- भारत में कई ठिकानों को निशाना बनाने की फिराक में लश्कर आतंकी
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इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि उनकी नीति के संबंध में हमें कुछ कार्रवाईयां भी देखने को मिलेंगी। उन्होंने आगे कहा कि वे किसी आतंकवादी के लिए सुरक्षित पनाहगाहों का समर्थन नहीं करते हैं। वे यह भी कहते हैं कि वहीं आतंकी मासूम लोगों और सेना को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वे अपने भले के साथ शांति और क्षेत्रिय स्थिरता के समर्थन में कार्रवाई करें।
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पेंटागन ने कहा कि मध्य पूर्व, पश्चिमी अफ्रीका और दक्षिण एशिया के साथ संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से अपनी यात्रा के दौरान मैटिस मिस्र, जॉर्डन, पाकिस्तान और कुवैत जाएंगे। मैटिस सोमवार 4 दिसंबर को पाकिस्तान पहुंचेंगे। यहां पर वे प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी और सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से मुलाकात करेंगे। मिस्र में मैटिस ने कहा कि अफगानिस्तान में हमने सुना है कि पाकिस्तान के नेता आतंकवाद को समर्थन न देने की बात करते हैं।
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इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि उनकी नीति के संबंध में हमें कुछ कार्रवाईयां भी देखने को मिलेंगी। उन्होंने आगे कहा कि वे किसी आतंकवादी के लिए सुरक्षित पनाहगाहों का समर्थन नहीं करते हैं। वे यह भी कहते हैं कि वहीं आतंकी मासूम लोगों और सेना को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वे अपने भले के साथ शांति और क्षेत्रिय स्थिरता के समर्थन में कार्रवाई करें।
दक्षिण एशिया नीति की घोषणा के बाद मैटिस की दूसरी यात्रा
डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 21 अगस्त को दक्षिण एशिया नीति की घोषणा के बाद मैटिस की पाकिस्तान की यह दूसरी यात्रा होगी। ट्रंप की ओर से घोषित नीति में आतंकियों को पनाह देने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की गई थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने आतंकियों को पनाह देने से इनकार किया था।
अफगान में सभी पक्षों को एक साथ लाने का लक्ष्य
अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर 39 देशों की सेनाएं उतरी हैं। इस संबंध में मैटिस ने कहा कि अमेरिका उन सभी को एक साथ लाने की दिशा में लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत से ऐसे इलाके हैं जहां दो या अधिक सेनाएं कार्रवाई में लगी हुई हैं। वहीं कुछ ऐसे इलाके हैं जिन्हें हमने पिछले कुछ सालों में गवां दिए क्योंकि हम क्या चाहते हैं इसे लेकर हमारे बीच कोई समझौता नहीं है। इसलिए नई अमेरिकी सरकार की यह कोशिश है कि और अंदर तक जाकर भविष्य के गठबंधन की स्थितियां तैयार करे और अफगानिस्तान में सुलह कराए। इससे क्षेत्र और दुनियाभर में किसी पर भी हमला करने वाले किसी भी आतंकी समूह को सुरक्षित पनाहगाह नहीं उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इन आतंकी समूहों के क्रूर हमलों का सामना दुनिया के कई देश कर रहे हैं।
अफगान में सभी पक्षों को एक साथ लाने का लक्ष्य
अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर 39 देशों की सेनाएं उतरी हैं। इस संबंध में मैटिस ने कहा कि अमेरिका उन सभी को एक साथ लाने की दिशा में लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत से ऐसे इलाके हैं जहां दो या अधिक सेनाएं कार्रवाई में लगी हुई हैं। वहीं कुछ ऐसे इलाके हैं जिन्हें हमने पिछले कुछ सालों में गवां दिए क्योंकि हम क्या चाहते हैं इसे लेकर हमारे बीच कोई समझौता नहीं है। इसलिए नई अमेरिकी सरकार की यह कोशिश है कि और अंदर तक जाकर भविष्य के गठबंधन की स्थितियां तैयार करे और अफगानिस्तान में सुलह कराए। इससे क्षेत्र और दुनियाभर में किसी पर भी हमला करने वाले किसी भी आतंकी समूह को सुरक्षित पनाहगाह नहीं उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इन आतंकी समूहों के क्रूर हमलों का सामना दुनिया के कई देश कर रहे हैं।