भारत पर हमले की योजना बना रहे पाकिस्तान के आतंकी समूह, अमेरिकी खुफिया विभाग ने चेताया
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पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह भारत और अफगानिस्तान पर हमले की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी विश्वव्यापी खतरों पर एक कांग्रेस की सुनवाई के दौरान ‘नेशनल इंटेलिजेंस’ के निदेशक डेनियल कोट्स ने कही।
कोट्स ने खुफिया मामलों की सीनेट चयन समिति के सदस्यों से कहा, ‘इस्लामाबाद आतंकियों और पाकिस्तान में आतंकवादियों को रोकने में विफल रहा है।’ कोट्स ने कहा, ‘यह समूह क्षेत्र में अमेरिका के हित पर निरंतर खतरा बनाए रखेंगे और वहीं भारत और अफगानिस्तान पर हमले की योजना बनाना एवं हमले करना जारी रखेंगे।’
अमेरिकी खुफिया विभाग के निदेशक ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पाक रणनीतिक रूप से परमाणु हथियारों की होड़ में अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। दक्षिण एशिया में, खुफिया समुदाय ने आकलन किया है कि अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगियों की सैन्य सहायता की मामूली वृद्धि के बावजूद भी वर्ष 2018 तक राजनीतिक एवं सुरक्षा स्थिति निश्चित रूप से खराब होगी।
पाक के रवैये से अधिक बिगड़ सकते हैं हालात
अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्तों के लिए पाक को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही कहा है कि अगर इस साल सीमा पर से कोई बड़ा हमला होता है तो यह संबंध और बिगड़ सकते हैं।
डेनियल कोट्स ने सांसदों से कहा, ‘भारत विरोधी आतंकवादियों को मिलने वो सहयोग को रोकने में पाकिस्तान नाकामयाब रहा है। उसकी इस नीति के खिलाफ नई दिल्ली की बढ़ती असहिष्णुता साथ ही सीमा पार से जनवरी 2016 में पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी जांच में कोई प्रगति नहीं होने से 2016 से द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आने लगी थी।
कोट्स ने कहा कि पिछले साल आतंकवादियों के सीमा पार कर भारत आने और दो बडे़ हमलों को अंजाम देने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने का डर
कोट्स का कहना है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को अलग-थलग किए जाने और भारत के अमेरिका के साथ बढ़ते गहरे संबंधों एवं विदेशों में उनकी बढ़ती पहुंच सहित उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा को लेकर चिंतित हैं।’ उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग होने से बचाने के लिए चीन की ओर रुख कर सकता है। इस संबंध के मजबूत बनने से बीजिंग को हिंद महासागर में अपना प्रभाव डालने में मदद मिलेगी।