अफगानिस्तान में भारतीय हितों को नुकसान पहुंचा रहे पाक आतंकी
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पाकिस्तान के लश्कर-ए-ताइबा, तालिबान, जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा जैसे आतंकी संगठन अफगानिस्तान में भारत के हितों और उद्देश्यों को निशाना बना रहे हैं। ये आतंकी काबुल और इस्लामाबाद के बीच कबाइली इलाकों में अपने सुरक्षित ठिकाने बनाने जैसे मंसूबों को भी अंजाम दे रहे हैं। यह बात संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के राजदूत ने कही।
संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि महमूद सैकल ने कहा कि अफगानिस्तान में क्षेत्रीय आतंकी संगठनों ने अपने साझा उद्देश्यों के लिए तालिबान के साथ हाथ मिला लिया है।
इनमें लश्कर-ए-ताइबा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद, अलकायदा, लश्कर-ए-इस्लाम, सिपह-ए-सहाबा, इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उजबेकिस्तान और ईस्टर्न तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट आतंकी संगठन शामिल हैं।
विदेशी आतंकियों पर आतंकवाद निरोधी समिति के समक्ष सैकल ने कहा कि ये आतंकी संगठन अफगानिस्तान की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सामरिक खतरा पैदा कर रहे है। अफगान राजदूत ने कहा कि ये आतंकी संगठन अफगानिस्तान में अपने चुनिंदा उद्देश्यों को साधने की कोशिश कर रहे हैं।
इन आतंकी संगठनों का उद्देश्य भारत के हितों और लक्ष्यों को निशाना बनाना और क्षेत्र एवं विश्व में अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्क के साथ सामरिक गठजोड़ बनाना है। ये आतंकी संगठन अफगानिस्तान से विदेश सुरक्षा बलों को वापस करने की भी मांग कर रहे हैं।
सैकल ने कहा कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने नेशनल एसेंबली की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए पाकिस्तान से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।