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संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गुडविल एंबेसडर बनीं पद्मालक्ष्मी
Sat, 09 Mar 2019 05:54 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 09 Mar 2019 05:54 AM IST
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Padma Lakshmi
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भारतीय मूल की अमेरिकी टेलिविजन हस्ती और खाद्य विशेषज्ञ पद्मालक्ष्मी को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) का नया ‘गुडविल एंबेसडर’ बनाया गया है। यूएनडीपी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लक्ष्मी की नियुक्ति की घोषणा की। वे पूरी दुनिया में असमानता और भेदभाव के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की लड़ाई का समर्थन करेंगी।
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एमी पुरस्कार के लिए नामित टेलिविजन हस्ती और पुरस्कार विजेता लेखिका पद्मालक्ष्मी अपनी नई भूमिका में असमानता और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई और वंचितों को सशक्त करने की ओर ध्यान केंद्रित करते हुए सतत विकास लक्ष्यों के प्रति समर्थन जुटाने का काम करेंगी। यूएनडीपी प्रशासक अचिम स्टीनर ने ‘गुडविल एंबेसडर’ के तौर पर उनके नाम की घोषणा की। पद्मालक्ष्मी ने यूएनडीपी में पत्रकारों से कहा, ‘हम जब विश्व महिला दिवस मना रहे हैं, तब हमें यह बात याद रखनी चाहिए कि महिलाओं और लड़कियों को दुनिया भर में सबसे ज्यादा भेदभाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।’
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पद्मालक्ष्मी ने कहा कि यूएनडीपी गुडविल एंबेसडर के तौर पर वह इस बात पर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश करेंगी कि असमानता अमीर और गरीब देशों को समान रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने कहा, ‘कई देश गरीबी कम करने में कामयाब रहे हैं लेकिन असमानता अधिक जिद्दी मालूम पड़ती है।’
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भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं लक्ष्मी
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के प्रशासक अचिम स्टीनर ने कहा कि पद्मालक्ष्मी पहले भी भेदभाव के खिलाफ और वंचित तबके के लिए आवाज उठाती रही हैं। लेकिन आवश्यकता है कि उनकी तरह और लोग भी आवाज उठाएं ताकि हम सतत विकास लक्ष्यों के अपने सपने को साकार कर सकें जो कि लोगों और दुनिया में शांति और समृद्धि का साझा खाका हैं।
असमानता का असर भेदभाव पर पड़ता है
पद्मालक्ष्मी ने पत्रकारों से कहा कि लिंग, आयु, जाति और नस्ल के आधार पर महिलाओं के साथ असमानता की जाती है। यह खासकर महिलाओं, अल्पसंख्यकों और उन लोगों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है जिन्हें समाज में अकल्पनीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है।