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रोमनी ओबामा के बीच तीख़ी नोक-झोंक

Sat, 27 Oct 2012 03:57 PM IST
बीबीसी हिन्दी
बीबीसी हिन्दी Updated Sat, 27 Oct 2012 03:57 PM IST
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obama romney turn up the tension in second presidential debate
राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में राष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी के
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उम्मीदवार बराक ओबामा व रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी के बीच आर्थिक और विदेश नीतियों पर तीखी टक्कर हुई।

बहस के दूसरे राउंड में ये बताना मुश्किल था कि जीत किसकी हुई। लेकिन ये स्पष्ट था कि राष्ट्रपति ओबामा ने पहले राउंड के मुकाबले काफी आत्मविश्वास से बोले और अपनी नीतियों और अपने प्रशासन के रिकॉर्ड का डट कर बचाव किया। सब की निगाहें बहस के इस दूसरे राउंड पर टिकी थीं।

राष्ट्रपति ओबामा पर काफी दबाव था की वो इस दौर में अच्छा प्रदर्शन करें। पहले राउंड में हार के बाद इस राउंड में उन्हें आक्रामक रुख अपनाते देखा गया। लेकिन मिट रोमनी ने राष्ट्रपति कि नीतियों को ग़लत कहा। वो विश्वास के साथ बोले लेकिन पिछले राउंड कि तुलना में वो थोड़े फीके दिखाई दिए।
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उम्मीदवारों के बीच बहस की परंपरा अमरीका में चुनाव की मुहीम का हिस्सा है। इस बार बहस के तीन दौर की आख़िरी बहस 22 अक्टूबर को होगी।

चुनावी बहस
डेनवर में हुए पहले राउंड की बहस के बाद कराए गए सर्वेक्षण में मिट रोमनी को विजयी माना गया जिसके कारण उनकी लोकप्रियता बढ़ी। आम नागरिकों में रोमनी को गंभीरता से लिया जाने लगा। राजनैतिक विशेषज्ञों और सर्वे के अनुसार दोनों के बीच 6 नवम्बर को होने वाले चुनाव में कांटे का मुकाबला होगा।
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देश के अधिकतर वोटर फैसला कर चुके हैं की वो किस उम्मीदवार को अपना मत देंगे। लेकिन अमरीका के 50 राज्यों में से 9 ऐसे राज्य हैं जहाँ अधिकतर मतदाता ये फैसला नहीं कर सके हैं कि वो अपना बहुमूल्य वोट किसे देंगे।

दोनों उम्मीदवार इन्हीं वोटरों को आकर्षित करना चाहते हैं। बहस में मंच के सामने बैठे 80 लोग वो थे जिन्होंने अब तक फैसला नहीं किया है कि वो वोट किसे देंगे। दोनों उम्मीदवारों के बीच विदेशी नीतियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस हुई। राष्ट्रपति ओबामा पिछले चार दिनों से इस बहस के लिए तैयारी कर रहे थे।

मिट रोमनी भी तैयारी में जुटे थे। अनुमान के अनुसार दोनों नेताओं ने एक दूसरे कि नीतियों पर करारा प्रहार किया। दोनों आत्मविश्वास के साथ बोले। ये कहना मुश्किल था कि कौन किस पर भारी पड़ रहा है। बहस के दौरान एक दो बार दोनों के बीच सीधी तकरार भी हुई।

लीबिया के शहर बिन घाज़ी में अमरीकी दूतावास हमलों पर हमले के मुद्दे पर ओबामा और रोमनी के बीच टक्कर हुई जिसके दौरान रोमनी के इलज़ाम पर ओबामा भड़के और वहाँ बैठे लोगों ने तालियों से राष्ट्रपति के जवाब का समर्थन किया।


अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनावों से पहले उम्मीदवारों के बीच बहस का सिलसिला 62 साल पहले शुरू हुआ था। इसकी अब एक परंपरा बन चुकी है। ये कहना मुश्किल है की चुनावी नतीजों पर बहस के बाद किया असर होता है। लेकिन ये तो तय है की पहले दौर की बहस में रोमनी ने ओबामा को पछाड़ दिया था। इसका फायदा ये हुआ की सर्वेक्षण में बराक ओबामा से तीन प्रतिशत पीछे रहने के बाद रोमनी बराबर हो गए।
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