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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: ज़ोरदार मुक़ाबले की उम्मीद

Tue, 06 Nov 2012 01:25 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 06 Nov 2012 01:25 PM IST
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Obama Romney camps claim victory as US goes to polls

कुछ ही घंटों के बाद अमेरिका में चुनाव शुरू होने वाले हैं जब मतदाता तय करेंगे कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा।

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राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवार डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के मिट रोमनी ने चुनाव के केवल एक दिन पहले तक प्रचार में अपनी पूरी ताक़त झोंक दी।

सोमवार को रोमनी ने फ़लोरिडा, वर्जीनिया, न्यू हैम्पशायर और ओहायो का दौरा किया। जबकि ओबामा ने संगीतकार ब्रूस स्प्रिंगस्टीन के साथ विस्कॉंन्सिन और ओहायो का दौरा किया।
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देश में किए गए लगभग सारे सर्वेक्षण बता रहें हैं कि ओबामा और रोमनी के बीच कांटे की टक्कर है और जीत किसकी होगी, इस बारे में कुछ भी कहना बहुत मुश्किल है। हालांकि महत्वपूर्ण समझे जाने वाले नौ राज्यों में ओबामा को थोड़ी बढ़त होने की बात कही जा रही है।
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पर्पल स्टेट्स
अमेरिका के चुनावी इतिहास पर नज़र डालने से पता चलता है कि देश के 50 राज्यों और एक संघीय ज़िले में से अधिकतर के बारे में पहले से पता होता है कि वहां किसे कितने वोट मिलेंगे।

देश के उत्तर पूर्व और पश्चिमी राज्यों को डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ माना जाता है और उन्हें 'ब्ल्यू स्टेट्स' कहा जाता है। इन राज्यों में कुल 186 वोट हैं।

उसी तरह दक्षिण और मध्य पश्चिमी राज्यों को रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता है और उन्हें 'रेड स्टेट्स' कहा जाता है। इनके पास 191 वोट हैं।

राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव में कम से कम 270 वोट की ज़रूरत होती है और इसलिए दूसरे राज्यों के वोट ही दरअसल अंतिम फ़ैसला करते हैं।

कोलोराडो, फ्लोरिडा, ओहायो जैसे 13 राज्य ऐसे हैं जहां स्थिति कभी भी स्पष्ट नहीं रहती और यहां कोई भी उम्मीदवार बाज़ी मार सकता है। इन्हीं 13 राज्यों को 'पर्पल स्टेट्स' कहा जाता है। इन राज्यों के पास कुल 161 वोट हैं।

उम्मीदवारों को इन्हीं राज्यों में प्रचार के दौरान सबसे अधिक समय और सबसे ज़्यादा पैसा ख़र्च करना पड़ता है।
इसीलिए दोनों उम्मीदवारों ने प्रचार के अंतिम दिनों में इन्हीं राज्यों में अपना समया बिताया और इन्हीं राज्यों के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करते रहें।

बदलाव
वर्जीनिया में प्रचार के दौरान मिट रोमनी ने ओबामा पर हमला करते हुए कहा कि ओबामा ने 2008 में किए गए अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं किया है इसलिए अब बदलाव का वक़्त आ गया है।

मिट रोमनी ने कहा, ''आप इनके रिकॉर्ड को देखें। चार साल पहले ओबामा ने बहुत सारे वादे किए थे लेकिन उन्होंने बहुत थोड़ा काम किया है। क्या अगले चार साल भी पिछले चार साल की तरह चाहते हैं? या आप सचमुच का बदलाव चाहते हैं?''


ओहायो में प्रचार के दौरान ओबामा ने मतदाताओं का दिल जीतने के लिए कहा, ''मुझमें अभी लड़ाई करने की क्षमता बाक़ी है।''

हालांकि 34 ज़िलों में लगभग एक तिहाई मतदाता पहले ही अपने वोट डाल चुके हैं क्योंकि अमेरिका में चुनाव के दिन से पहले भी वोट डालने का प्रावधान है।

सबकी निगाहें राष्ट्रपति चुनाव पर टिकी हैं, लेकिन राष्ट्रपति पद के अलावा संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के 435 सदस्यों और ऊपरी सदन सीनेट के 100 में से 33 सीनेटर और 11 राज्यों के गवर्नरों के लिए भी चुनाव हो रहे हैं।

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