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बांग्लादेश के हिंदू प्रवासियों को मिले भारतीय नागरिकता, अमेरिकी संगठनों ने उठाई आवाज
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 11 Sep 2018 06:38 PM IST
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अमेरिका स्थित भारतीय-अमेरिकी संगठनों के एक समूह ने बांग्लादेश से आए हिंदू प्रवासियों के लिए भारतीय नागरिकता की मांग उठाई है। समूह ने इस मांग को लेकर एक अभियान भी शुरू किया है। समूह के मुताबिक इन बांग्लादेशी हिंदुओं का नाम असम में राष्ट्रीय नागरिकता सूची (एनआरसी) में शामिल नहीं है।
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‘सिंह बाहिनी अमेरिका’ ‘ग्लोबल हिन्दू हैरिटेज फाउंडेशन’ और ‘नवबंग’ जैसे संगठनों के बैनर तले यह समूह नागरिकता विधेयक, 2016 के लिए समर्थन की मांग कर रहा है। इसमें सुरक्षा के लिहाज से भारत के पड़ोसी देशों से आने वाले अत्याचार के शिकार अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन का प्रावधान है।
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समूह से जुड़े इन सदस्यों ने शिकागो में आयोजित विश्व हिन्दू कांग्रेस के दौरान भारतीय नेताओं से मुलाकात भी की थी। समूह के मुताबिक बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए लाए जाने वाले एनआरसी के भीतर बड़ी संख्या में हिन्दू आबादी का नाम शामिल नहीं है, जबकि एक आकलन के अनुसार करीब 14 लाख से 25 लाख हिन्दू उनकी भारतीय नागरिकता छीने जाने की स्थिति में फंसे हुए हैं।
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गरीब बांग्लादेशी हिंदुओं की रक्षा करे भारत
समूह के मुताबिक हिन्दू भाइयों और बहनों के पूर्वज बांग्लादेश में अत्याचार के कारण भारत आए थे। नागरिकों को भारतीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एनआरसी हर राज्य में हो। इसके साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि भारत बांग्लादेश से आने वाले गरीब हिन्दुओं की रक्षा करे।