बराक ओबामा पहली बार पहुंचे मस्जिद, मुस्लिमों से कही बड़ी बात
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ओबामा बुधवार को पहली बार किसी मस्जिद में पहुंचे थे। बाल्टीमोर के मस्जिद में उन्होंने वहां के मौलाना से भी मुलाकात की। वहां उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। इस ऐतिहासिक संबोधन में उन्होंने मुस्लिमों की स्थिति पर दुख जताते हुए कहा, 'यह दुनियाभर के मुस्लिमों के लिए चिंता और डर का समय है। लोगों को धर्म की स्वतंत्रता होनी चाहिए।'
इस दौरान उन्होंने एक छोटी बच्ची द्वारा लिखे गए खत का जिक्र भी किया। ओबामा को लिखे इस खत में 13 साल की एक बच्ची ने कहा था कि वह मुस्लिम है और उसे अमेरिका में डर लगता है।
छवि सुधारने की कोशिश
अमेरिका की इस्लाम के खिलाफ बन रही छवि को सुधारने की कोशिश करते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका में मुस्लिमों को दबाया नहीं जाता। उन्होंने कहा आतंकवाद से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका तो यही होगा कि हम मुस्लिमों समानता की दृष्टि से देखें।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जाहिर तौर पर यह अमेरिका में रह रहे मुस्लिमों के लिए मुश्किल का समय है। लेकिन हमें यह भी समझने की जरूरत है कि किसी एक मत पर हमला हमारे सभी मतों पर हमले जैसा ही है।
ओबामा ने कहा कि हमें सभी मतों का सम्मान करना चाहिए। सभी धर्म के लोगों के पास 'धार्मिक स्वतंत्रता' का अधिकार भी होना चाहिए। इससे वे खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे।