फिर सिर उठाने लगा अलकायदा, भारत को खतरा
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कुख्यात आतंकी संगठन अल कायदा भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी जडे़ं जमाने में लगा हुआ है। माना जा रहा है कि उसके आतंकी अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर आतंक की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
हाल में अफगान-पाक सीमा पर अमेरिकी और अफगान कमांडो की संयुक्त कार्रवाई में अल कायदा के उन 200 आतंकियों को मार गिराया गया, जो वहां आतंक की ट्रेनिंग ले रहे थे। इस बात ने अमेरिका और भारत की चिंता फिर बढ़ा दी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अफगानिस्तान में हमारा पुराना दुश्मन फिर से खड़ा हो रहा है। अल कायदा के प्रशिक्षण शिविर यहां पाए जाने का मतलब है ये लोग फिर से अमेरिका को दहलाने की फिराक में लगे आतंकियों की पौध तैयार करने में लगे हैं।
ये शिविर भले ही इसके पुराने सरगना ओसामा बिन लादेन के जमाने जितने बडे़ न हों, मगर इन नए शिविरों के यहां पाए जाने को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।
सैन्य बलों की मानें तो अल कायदा के ये शिविर इधर के दिनों में अभी तक के सबसे बडे़ पाए गए, जिसे बीते अक्तूबर में अमेरिकी और अफगान कमांडो ने नष्ट कर दिए थे।
अफगानिस्तान में शीर्ष अमेरिकी कमांडर जनरल जॉन कैंपबेल ने कहा कि नष्ट किए गए आतंकी शिविर अल कायदा की भारतीय उपमहाद्वीप की इकाई के थे।
भारतीय उपमहाद्वीप में फिर पैठ बना रहा है अल कायदा
2014 में गठित हुआ अल कायदा की भारतीय उप महाद्वीप शाखा माना जाता है कि सितंबर, 2014 में अल कायदा ने भारत, पाकिस्तान और दूसरे दक्षिणी एशियाई राष्ट्रों में आतंक फैलाने के इरादे से पाकिस्तान में अपनी जडे़ं जमाने की कवायद शुरू की थी। इनके कुछ शिविर अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में भी चल रहे थे।
इन शिविरों के मिलने से अमेरिकी सैन्य क्षमता पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं, जो बीते 14 साल से अफगानिस्तान से उनके सफाए में लगा हुआ था। इन आतंकियों ने कम आबादी वाले इलाके में सुरंगें और बख्तरबंद गाड़ियों का भी इंतजाम किया था।