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यूएन में भारत का पाक पर हमला- आतंक के सहारे हमारी क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करना चाहता है पाकिस्तान
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
Updated Fri, 07 Sep 2018 03:31 AM IST
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United Nations Security Council
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संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाए जाने के पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा कि दशकों से पाकिस्तान का ध्यान राष्ट्र नीति के तौर पर आतंकवाद के इस्तेमाल के जरिए भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने पर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में मंत्री श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि शांति की संस्कृति महज कोई सिद्धांत नहीं है, जिस पर चर्चा की जाए बल्कि यह देशों के बीच वैश्विक संबंधों में सक्रिय रूप से स्थापित होनी चाहिए। प्रसाद ने कहा कि यह विडंबना है कि पाकिस्तान ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए न्याय और आत्म निर्णय के लिए एक अनुमानित चिंता की आड़ में भारतीय क्षेत्र पर एक बार फिर दावा जताने के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया।
दशकों से उनका ध्यान राष्ट्र नीति के तौर पर आतंकवाद का खुलेआम इस्तेमाल करके भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने पर रहा है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में शांति की संस्कृति पर उच्च स्तरीय मंच को संबोधित करते हुए एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा था।
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उन्होंने कहा कि विदेशी कब्जे और आत्म निर्णय के अधिकार समेत मौलिक अधिकार ना देने से कब्जे वाले इलाके के लोगों और शोषितों के बीच अन्याय की भावना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के पूर्व उच्चायुक्त जेद राद अल हुसैन के कश्मीर पर जारी हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर और फलस्तीन में लोगों के दर्द और पीड़ा से ज्यादा स्पष्ट यह और कहीं नहीं है।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में मंत्री श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि शांति की संस्कृति महज कोई सिद्धांत नहीं है, जिस पर चर्चा की जाए बल्कि यह देशों के बीच वैश्विक संबंधों में सक्रिय रूप से स्थापित होनी चाहिए। प्रसाद ने कहा कि यह विडंबना है कि पाकिस्तान ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए न्याय और आत्म निर्णय के लिए एक अनुमानित चिंता की आड़ में भारतीय क्षेत्र पर एक बार फिर दावा जताने के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया।
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दशकों से उनका ध्यान राष्ट्र नीति के तौर पर आतंकवाद का खुलेआम इस्तेमाल करके भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने पर रहा है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में शांति की संस्कृति पर उच्च स्तरीय मंच को संबोधित करते हुए एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा था।
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उन्होंने कहा कि विदेशी कब्जे और आत्म निर्णय के अधिकार समेत मौलिक अधिकार ना देने से कब्जे वाले इलाके के लोगों और शोषितों के बीच अन्याय की भावना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के पूर्व उच्चायुक्त जेद राद अल हुसैन के कश्मीर पर जारी हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर और फलस्तीन में लोगों के दर्द और पीड़ा से ज्यादा स्पष्ट यह और कहीं नहीं है।