चांद पर पहुंचना, उसे करीब से देखना जैसी बहुत सी बातें लोगों को असंभव लगती होंगी। लेकिन यही असंभव चीज आज से 49 साल पहले यानि 20 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रांग ने संभव बनाई थी।
नील पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने चांद पर कदम रखा था। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील ने वहां मून वॉक भी किया। उनके चांद पर उतरने के बाद एक अन्य अंतरिक्ष यात्री एडविन एल्ड्रिन भी चांद पर आ गए थे।
उस वक्त नील ने ऐतिहासिक घोषणा कर कहा था, 'यह एक मनुष्य के लिए छोटा सा कदम है पर मनुष्यता के लिए बहुत बड़ी छलांग है। आज हम पूरी मानव सभ्यता की तरफ से चांद पर कदम रख रहे हैं'। नील ने चांद की सतह के बारे में बताते हुए कहा कि वह बिल्कुल कोयले के चूरे जैसी है। जहां उनका यान उतरा था वहां एक फुट गहरे गडढे भी हो गए थे।
मानव इतिहास के लिए वह दिन बहुत खास था। चांद का वह अनोखा नजारा नील के यान में लगे कैमरे में कैद हुआ। उन्होंने चांद पर उतरने के बाद सबसे पहले चांद की सतह की तस्वीरें लीं और फिर वहां की मिट्टी के नमूने भी एकत्रित किए। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद पर उतरकर अमेरिकी झंडा भी लहराया।
नील और एल्ड्रिन ने करीब 2.5 घंटे चांद की जमीन पर बिताए। इस ऐतिहासिक दिन को करीब 3.5 करोड़ लोगों ने टीवी पर देखा और रेडियो पर सुना।