{"_id":"5bcff504bdec226997413246","slug":"hiding-jamal-khashoggi-s-death-was-one-of-worst-thing-saudi-arabia-has-done-trump","type":"story","status":"publish","title_hn":"खशोगी की हत्या मामले को दबाने की सबसे बदतर कोशिशों में एक: ट्रंप","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
खशोगी की हत्या मामले को दबाने की सबसे बदतर कोशिशों में एक: ट्रंप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 24 Oct 2018 10:56 AM IST
विज्ञापन
Jamal khashoggi
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या मामले को ‘‘छिपाने की सबसे बदतर कोशिश’’ की। चौतरफा घिरने के बाद आखिरकार सऊदी अरब ने कबूल किया है कि वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखने वाले 59 वर्षीय खशोगी की हत्या इस्तांबुल स्थित उसके वाणिज्य दूतावास में की गई थी।
विज्ञापन
ओवल ऑफिस में मंगलवार को ट्रंप ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘उनकी (सऊदी अरब) बहुत ही खराब मंशा थी। इस मामले को और बदतर बनाया गया। और यह मामले को दबाने की इतिहास की सबसे बदतर कोशिश है।
विज्ञापन
बहुत ही आसानी से। बेहद घटिया करतूत। इसकी कभी कल्पना नहीं की जा सकती थी। किसी ने वास्तव में गड़बड़ी की। और उन्होंने अब तक के सबसे बदतर ढंग से मामले को छिपाने की कोशिश की।’’
विज्ञापन
कभी शाही परिवार के करीबी रहे खशोगी बाद में सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के धुर आलोचक बन गए थे। खशोगी अपनी होनेवाली शादी के लिए दस्तावेज लेने 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी सरकार के वाणिज्य दूतावास गए थे, जिसके बाद वह लापता हो गए थे।
इस घटना से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अंतरराष्ट्रीय छवि को बहुत ही गंभीर नुकसान पहुंचा है। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने इस मामले में पूरी जांच करने की बात कही है। सीआईए निदेशक जीना हास्पेल अभी तुर्की में हैं और उनके जल्द अमेरिका लौटने की संभावना है।