ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में बढ़े भारतीयों पर हमले, जानिए कब-कब हुई घटनाएं
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डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में भारतीयों पर हो रहे हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले महीने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि अमेरिका में भारतीयों पर होने वाले हर हमले को 'हेट क्राइम' की संज्ञा नहीं दी जा सकती। वहीं उन्होंने लगातार बढ़ते हमलों के बीच यूएस एजेंसियों के साथ संपर्क स्थापित करने की बात कही थी।
लेकिन सुषमा की इसी घोषणा के बाद शनिवार को 26 साल के भारतीय युवक की वॉशिंगटन के एक मॉल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। युवक का नाम विक्रम जरयाल है।
हम आपको ऐसे ही कुछ हमलों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद अंजाम दिया गया है।
कनसास बार शूटिंग
27 फरवरी को कनसास बार में हुआ हमला नस्लीय रूप से प्रेरित था। कनसास राज्य स्थित ऑस्टिन्स ग्रिल एंड बार में 51 साल का एडम प्यूरिंटन नशे में बैठा हुआ था। इस दौरान 32 वर्षीय एविएशन इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला एक भारतीय दोस्त आलोक मदासनी के साथ वहां पहुंचे।
जिसके बाद एडम ने दोनों पर नस्लीय टिप्पणी शुरू कर दी। जब स्टाफ ने उसे समझाने की कोशिश की तो एडम ने 'मेरे देश से निकल जाओ' चीखते हुए फायरिंग कर दी।
इस बीच श्रीनिवास को बचाने के प्रयास में आगे आए आलोक मदासनी और एक अन्य अमेरिकी शख्स इयान ग्रिलोट पर भी आरोपी ने गोली चला दी। गोली सीधे श्रीनिवास कुचीभोटला को लगी और उसकी मौत हो गई।
6 मार्च, सिख पर हमला
एक सिख व्यक्ति को अनजान बंदूकधारी ने उनकी दुकान के आगे गोली मार दी थी। हमलावार ने जब सिख को गोली मारी तब उसने चिल्लाते हुए कहा कि 'तुम अपने देश वापस लौट जाओ'। हमले का शिकार सिख का नाम दीप राय (39) था। गोली उनकी बांह में लगी थी।
गुजराती व्यापारी पर हमला
6 मार्च को दक्षिण कैरोलिना के लैंकेस्टर काउंटी प्रांत में रहने वाले वर्षीय हर्निश पटेल (43) अपनी दुकान बंद करके घर के लिए निकले थे। घर के बाहर संदिग्धों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। जांचकर्ता अभी भी इस मामले में दोषियों को ढ़ूंढ रह हैं और साथ ही हमले की पीछे के कारणों का पता कर रहे हैं।
18 मार्च रेड रॉबिन नस्लीय हमला
जेफरे एलेन बर्गीस (54)नाम के अमेरिकी ने अंकुर मेहता नाम के एक भारतीय मूल के व्यक्ति को मुस्लिम समझकर न केवल उस पर नस्लीय टिप्पणी की बल्कि उनपर हमला भी किया। हमला पीट्सबर्ग के रेड रॉबिन रेस्टोरेंट में हुआ।
रेस्टोरेंट में अंकुर के बगल में बैठे बर्गीस ने कहा कि मैं तुम्हें अपने बगल में बैठे नहीं देख सकता। जिसके बाद बर्गीस ने अंकुर पर हमला कर दिया। इस हमले में अंकुर को चोटें आई थी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।
सिख अमेरिकी नस्लीय हमला
25 मार्च को राजप्रीत हेर नाम की सिख महिला जब सबवे ट्रेन से सफर कर रही थी तो एक श्वेत व्यक्ति ने उसे पश्चिमी एशिया का निवासी समझते हुए नस्लीय टिप्पणी की। वह कथित तौर पर 'लेबनान वापस जाओ' और 'तुम्हारा हमारे देश से कोई नाता नहीं है' चिल्ला रहा था।
31 मार्च, सिख डॉक्टर धमकी भरा मैसेज
इंडियाना राज्य में भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर अमनदीप सिंह को अनजान शख्स द्वारा फोन पर टेक्स्ट मैसेज से जान से मारने की धमकी मिली थी। धमकी देने वाले ने दावा किया कि उसने उस व्यक्ति को मार डाला है जिसके पास यह फोन पहले था। हालांकि बाद पुलिस ने जांच में पाया कि फोन का मालिक जिंदा है। अमनदीप भारत के एक मेडिकल स्कूल से ग्रेजुएट करने के बाद 2003 से अमेरिका में रह रहे हैं।
बता दें कि हेट क्राइम शोधकर्ताओं ने बताया है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के बाद से अबतक अमेरिका के 9 मेट्रोपोलियन जगहों पर हेट क्राइम की वारदातों में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं कैलिफोर्निया के शोधकर्ता ब्रायन लेविन का मानना है कि इन हमलों के पीछे क्षेत्रवाद और धर्म जैसी भावनाएं रहती हैं।