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सीरिया में रासायनिक हथियारों की आशंका

Tue, 04 Dec 2012 12:00 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 04 Dec 2012 12:00 PM IST
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fear of chemical weapons in syria

ओबामा प्रशासन का कहना है कि उसकी चिंता बढ़ती जा रही है कि सीरिया में बशर अल असद की सरकार रसायनिक हथियार का प्रयोग कर सकती है।

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हाल के दिनों में अमेरिकी अधिकारियों ने अपना नाम ज़ाहिर किए बिना पत्रकारों को ये ख़बरें दी हैं कि सीरिया के कुछ रासायनिक संयंत्रों में गतिविधियां तेज हुई हैं। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेतावनी दी है कि रासायनिक हथियारों का प्रयोग अमेरिका को स्वीकार्य नहीं होगा।
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दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह सीरिया में संघर्ष की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अपने ग़ैर ज़रूरी कर्मचारियों को वापस बुला रहा है।

'क़दम को लेकर अटकल नहीं'
ये पहली बार नहीं है जब सीरिया की स्थिति को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने अपनी चिंता ज़ाहिर की है लेकिन इसके बावजूद वहाँ स्थिति बिगड़ती जा रही है।

हालांकि ये कोई नहीं कह रहा है कि ताज़ा संकेत क्या हैं लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा है कि 'रासायनिक हथियारों की तैयारी की आशंका' दिख रही है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पहले ही कह चुके हैं कि सीरिया में रासायनिक हथियारों का प्रयोग ख़तरे की निशानी होगा।

अब उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि विद्रोहियों के ख़िलाफ़ रासायनिक हथियारों का प्रयोग अस्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा है कि इसके गंभीर परिणाम होंगे और दोषी लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।

हालांकि इसके पहले जब व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी से पूछा गया कि ये सीरिया अगर ऐसा करता है तो उसके ख़िलाफ़ कैसी कार्रवाई हो सकती है, तो उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि सभी परिस्थितियों के लिए तैयार रहना ज़्यादा महत्वपूर्ण है। ज़्यादा ज़िम्मेदार क़दम ये होगा कि आपात स्थिति के बारे में योजना बनाई जाए, हम अपने मित्रों, सहयोगियों और विपक्षियों से विचार विमर्श कर रहे हैं। लेकिन मैं इसके बारे में कोई अटकल नहीं लगाना चाहता कि हम क्या क़दम उठाएँगे।"

उनका कहना है कि इस बात की चिंता बढ़ती जा रही है कि सीरिया 'हताशा में रासायनिक हथियार के प्रयोग' जैसा क़दम उठा सकता है।

दूसरी ओर पेंटागन के प्रवक्ता मार्क टोनर ने भी कहा है कि रासायनिक हथियार का किसी भी तरह का प्रयोग ख़तरे की निशानी होगा।

हालांकि अमेरिका की इस चिंता का जवाब देते हुए सीरिया के विदेश मंत्री ने दमिश्क में कहा है कि अगर उसके पास रासायनिक हथियार हों तो भी वह किसी भी सूरत में उनका प्रयोग अपने लोगों के ही ख़िलाफ़ नहीं करेगा।

संयुक्त राष्ट्र की घोषणा
उधर संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह सीरिया में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अपने ग़ैर ज़रूरी कर्मचारियों को वापस बुला रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता मार्टिन नेसिर्की ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, "सुरक्षा विभाग के हमारे सहयोगियों ने ये इस बात की पुष्टि की है कि वे सीरिया में मौजूद अपने ग़ैर ज़रूरी अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा रहे हैं, जैसे जैसे स्थिति बदलेगी संयुक्त राष्ट्र इसका आकलन करेगा और उसके मुताबिक अपनी गतिविधियाँ संचालित करेगा। इसके अलावा मैं यह भी बता सकता हूँ कि संयुक्त राष्ट्र अपने मानवीय सहायता के कार्यक्रम भी अगली सूचना तक रोक रहा है।"


संस्था का कहना है कि वहां काम कर रहे सौ लोगों में से कोई 25 लोग इस सप्ताह के अंत तक सीरिया से वापस लौट आएंगे। यूरोपीय संघ ने भी कहा है कि वह भी दमिश्क में अपनी गतिविधियाँ न्यूनतम ही रखेगा।

20 महीने पहले सीरिया में शुरु हुए विद्रोह के बाद से संयुक्त राष्ट्र और दूसरी एजेंसियां लाखों सीरियाई लोगों को मानवीय सहायता मुहैया करवा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि वहाँ अब तक उसके आठ कर्मचारी मारे जा चुके हैं।

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