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एवरेस्ट जीतने वाला मौत से हारा

Sat, 23 Mar 2013 07:57 PM IST
Updated Sat, 23 Mar 2013 07:57 PM IST
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everest mountaineer george lowe dies at 89

साल 1953 में पहली बार एवरेस्ट पर विजय हासिल करने वाली टीम के अंतिम जीवित सदस्य जॉर्ज लुवा की डर्बीशायर में मृत्यु हो गई।

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लंबी बीमारी के बाद बुधवार को रिपले में उन्होंने अंतिम सांस ली। आखिरी समय में उनकी पत्नी मैरी उनके साथ थीं। वो 89 साल के थे।

न्यूजीलैंड में जन्मे लुवा एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे की टीम का हिस्सा थे। जिसने पहली बार विश्व की सबसे ऊंची चोटी, एवरेस्ट, पर विजय हासिल की थी।

लुवा इस टीम के मुख्य फोटोग्राफर थे। लुवा ने 1957-58 में अटांर्किटक को पैदल पार करने के अभियान में भी हिस्सा लिया था।

दक्षिणी ध्रुव के रास्ते ये अटांर्किटक पार करने वाला पहला सफल अभियान था। उन्होंने बाद में ग्रीनलैंड, ग्रीस और इथियोपिया अभियानों में भी हिस्सा लिया।

बीबीसी से लगभग 18 साल पहले बात करते हुए लुवा ने अपने अंटार्कटिक अभियान के बारे में बताया था, “हमारा अनुमान था कि हम 100 दिन में इसे पूरा कर पाएंगे लेकिन हम 99 दिन ही इसे पार कर गए थे।”

“सभी को परम सुख की अनुभूति हो रही थी। हम जानते थे कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड को इस बारे में पता है और हमने सोचा कि बस अब यहीं रुक जाना चाहिए।”

उन्होंने बतौर ग्रुप के कैमरामैन अपनी ‘दूसरे काम’ के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें अपने क्लॉकवर्क कैमरे को चलाने के लिए चार जोड़ी दस्ताने पहनने पड़ते थे।
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उन्होंने कहा था, “जब कुछ नाटकीय होता था तो मुश्किल ये होती थी कि आप उसमें भाग लें या उसे रिकॉर्ड करें।”

कैंब्रिज विश्वविद्यालय में स्कॉट पोलर रिसर्ज इंस्टीट्यूट के पूर्व अध्यक्ष डॉ लुइस जोन्स की 2005 में लुवा से पहली मुलाकात हुई थी।

हीरो
डॉ जोन्स ने उन्हें एक हीरो कहा था। वो कहते हैं, “मैं इस शब्द का इस्तेमाल अक्सर नहीं करता हूं, लेकिन फिर आप अक्सर ऐसे किसी से मिलते भी तो नहीं हैं।”

लुवा की पर्वतारोहण की यादों और तस्वीरों की एक किताब, जिस पर उन्होंने डॉ जोन्स के साथ काम किया था, मई में प्रकाशित होनी है।

डॉ जोन्स कहते हैं, “लुवा एक बुद्धिमान, उदार व्यक्ति थे जिन्होंने कभी यश की चाह नही की.... और एवरेस्ट विजय के 60 साल बाद उनकी उपलब्धियों को अब ज़्यादा पहचान मिलनी चाहिए।”
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वो कहते हैं, “लुवा सदी के दो सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में शामिल रहे... लेकिन फिर भी अंत तक हमेशा विनम्र बने रहे।”

1984 में रिटायर होने से पहले लुवा शिक्षा और विज्ञान विभाग में बतौर स्कूल निरीक्षक काम कर रहे थे। पहली शादी से उनके तीन बेटे हैं।

जॉर्ज लुवा
हैस्टिंज, न्यूजीलैंड में जन्मे लुबा एक स्कूल शिक्षक बने और छुट्टियों में पर्वतारोहण करने लगे।
1951 में वो और सर एडमंड हिलेरी हिमालय में न्यूज़ीलैंड के पहले अभियान दल के सदस्य बने।
1953 में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के राज्याभिषेक से ठीक पहले उन्होंने 29,028 फीट ऊंची चोटी पर फतह हासिल की।
एक जबरदस्त फोटोग्राफर लुवा ने पर्वतारोहण अभियान पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई, जिसे ऑस्कर अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया।
उन्होंने 1957-58 में अंटार्कटिक पार करने के अपने अभियान पर भी एक फिल्म बनाई जिसका नाथ था अंटार्कटिक क्रॉसिंग।

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