'क्या भारतीय मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाएंगे ट्रंप'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने की होड़ में शामिल डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की अपनी बात से पीछे हटने से इनकार कर दिया है।
रिपब्लिकन की ओर से ही इस पद की दावेदारी कर रहे जेब बुश ने ट्रंप की इस सोच पर आश्चर्य जताते हुए उनसे पूछा था कि क्या वह भारत और इंडोनेशिया जैसे अमेरिका के मजबूत सहयोगी देशों के मुसलमानों पर भी ऐसा प्रतिबंध लगाएंगे। मुसलमानों के खिलाफ बयान से अमेरिका में ट्रंप की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
बुश के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने से फैसले की समीक्षा नहीं करेंगे क्योंकि उनके लिए देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि वह अपने देश के लिए सुरक्षा चाहते हैं। हमारे यहां कट्टरपंथी इस्लाम के कारण गंभीर समस्या है। यह समस्या केवल यहां ही नहीं है बल्कि पूरी दुनिया में आज यह समस्या है।
'न हो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसी घटना'
छह अन्य उम्मीदवारों के साथ एक बहस में बुश ने पूछा था कि क्या आप
हमारे मजबूत सहयोगी देशों के मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने जा रहे हैं।
निश्चित तौर पर आप ऐसा नहीं करेंगे। हमें आईएसआईएस को खत्म करने की जरूरत
है।
इस पर ट्रंप ने कहा कि हमें राजनीतिक रूप से सही होना रोकना है। हमें एक ऐसा देश बनाना है जहां वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को गिराने और कैलिफोर्निया में गोलीबारी जैसी घटना न हो। उन्होंने कहा कि मुसलमानों पर रोक लगाने वाली बात उन्होंने हमेशा के लिए नहीं कही है। इस पर बुश ने कहा कि ट्रंप मैं आशा करता हूं कि आप अपनी इस नीति पर विचार करेंगे, क्योंकि ऐसा होने पर हम आईएस के खिलाफ जरूरी गठबंधन नहीं बना पाएंगे।
कुर्द हमारे सबसे मजबूत सहयोगी हैं और वे मुसलिम हैं। क्या आप (ट्रंप) इन्हें भी अमेरिका में नहीं घुसने देंगे। आईएसआईएस के खिलाफ जंग में अरब देशों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। हम दुनिया की पुलिस नहीं बन सकते और हम ऐसा एकतरफा नहीं कर सकते।