ट्रम्प ने ईसाई धर्म गुरू के बयान को बताया 'शर्मनाक'
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ईसाई धर्म गुरू पोप फ्रांसिस के टिप्पणी पर पलटवार करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे 'शर्मनाक' और 'अविश्वसनीय' बयान करार दिया है। गौरतलब है कि पोप ने डोनाल्ड के धर्म पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वे 'ईसाई नहीं हैं'।
पोप के इस बयान के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे पोप के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते। उन्हें अपने ईसाई होने पर गर्व है। ट्रम्प ने कहा, 'जब भी वेटिकन शरह पर आईएसआईएस का हमला होगा, जो सब लोग जानते हैं कि ये आईएस के लिए बड़े ईमान की तरह होगा। मैं वादा कर सकता हूं कि पोप यह प्रार्थना करेंगे के कि ऐसे हमले नहीं हो इसके लिए डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति होना चाहिए।'
डोनाल्ड ने कहा कि मेक्सिको की सरकार और उनके नेताओं ने मेरे खिलाफ पोप के कान भरे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि मैं उन्हें अमेरिका को लूटने ने रोक सकता हूं। पोप ने केवल एक पक्ष की ही बात सुनी और उन्हें कहीं अपराध दिखाई नहीं दिया।
'दीवार खड़ी वाला ईसाई नहीं हो सकता'
ट्रम्प ने कहा कि मेक्सिको के जरिए अमेरिका में ड्रग तस्करी का व्यापार होता है जिससे इसकी आर्थिक व्यवस्था को गंभीर नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि धर्म गुरू होते हुए भी किसी व्यक्ति के विश्वास पर सवाल खड़ा करना शर्मनाक बात है। मुझे गर्व है कि मैं ईसाई हूं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे अमेरिका के राष्ट्रपति बनते हैं तो एक सच्चे ईसाई होने के नाते वे ईसायियत को कमजोर करने वाले ताकतों का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ट्रम्प ने अप्रवासियों को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उनके इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पोप ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पुल बनाने की बजाय केवल दीवार बनाने के बारे में सोचता है तो वह ईसाई नहीं हो सकता।