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'चीन अमेरिका के लिए रूस जितना ही बड़ा खतरा'

Tue, 30 Jan 2018 05:11 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 30 Jan 2018 05:11 PM IST
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China is a big threat For US as like Russia
ट्रंप-पुतिन

'चीन जिस तरह से ढके-छुपे तौर पर पश्चिमी देशों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, वो उतना ही चिंता का विषय है जितना रूस की विध्वंसक गतिविधियां।' सीआईए डायरेक्टर माइक पोम्पियो ने बीबीसी से कहा कि ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने की क्षमता चीन के पास रूस की तुलना में कहीं ज्यादा है। उन्होंने ये भी कहा कि रूस इस साल अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों को निशाना बना सकता है।

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 अमेरिकी खुफिया एजेंसी के निदेशक माइक पोम्पियो ने बीबीसो को बताया कि यूरोप और अमरीका में सरकारों को कमज़ोर करने के रूसी प्रयासों में कोई खास कमी नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया 'चंद महीनों में' अमेरिका पर परमाणु मिसाइल से हमला करने की क्षमता हासिल कर सकता है। लगभग हर सुबह डोनाल्ड ट्रंप को अहम जानकारियां देने वाले पॉम्पियो ने उन दावों को 'बकवास' करार दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए ठीक नहीं हैं। 
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सबसे आगे रहना चाहती है सीआईए
वर्जीनिया में सीआईए मुख्यालय की सातवीं मंजिल पर निदेशक के कॉन्फ्रेंस रूम में पूर्व निदेशकों और उनके कार्यकाल में रहे राष्ट्रपतियों की तस्वीरें लगी हैं। पॉम्पियो राष्ट्रपति ट्रंप के तहत सीआईए के लिए अपनी योजनाओं को लेकर स्पष्ट हैं। उन्होंने बीबीसी को बताया, "हम दुनिया की बेहतरीन जासूसी सेवा हैं। हम अमेरिका लोगों की तरफ से गुप्त जानकारियां चुराने का काम करेंगे और मैं चाहता हूं कि हम प्रतिद्वंद्वियों से आगे रहें।"
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 पिछले एक साल से इस पद को संभाल रहे पॉम्पियो कहते हैं उनका लक्ष्य सीआईए से बोझ को कम करना है। वह कहते हैं, "यह एक ऐसी एजेंसी है जो अप्रत्याशित प्रकृति वाली दुनिया में काम कर रही है। यहां खुफिया आकलन के आधार पर न सिर्फ सैन्य कार्रवाइयां हो सकती हैं बल्कि राजनीतिक विवाद भी खड़े हो सकते हैं।"

रूस के कथित दखल को लेकर चिंता
भले ही रूस के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में अमरीका आपसी सहयोग रहा हो, (पिछले साल सीआईए ने सेंट पीटर्सबर्ग में एक हमले को रोकने में मदद की थी), पॉम्पियो कहते हैं कि वह रूस को मुख्य तौर पर एक विरोधी के रूप में देखते हैं। वे यूरोपीय देशों में उसके दखल को लेकर चिंता जताते हैं और कहते हैं, "रूस की गतिविधियों में कोई ख़ास कमी नहीं आई है।"

जब उनसे पूछा गया कि कहीं नवंबर में अमरीका में होने जा रहे मध्यावधि चुनाव को लेकर उनकी चिंताएं तो नहीं हैं, उन्होंने कहा, "बिल्कुल। मुझे पूरी उम्मीद है कि वे पूरी कोशिश करेंगे। मगर मुझे विश्वास है कि अमरीका स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने में कामयाब रहेगा। हम इस तरह से मजबूती से प्रतिरोध करेंगे कि उनका हमारे चुनावों पर खास प्रभाव नहीं रहेगा।"

'ट्रंप पर किताब में उठे सवाल बकवास'

China is a big threat For US as like Russia
Donald Trump

पॉम्पियो ने कहा कि अमेरिका रूस की तरफ से सरकारों को कमज़ोर किए जाने की कोशिशों का मुकाबला कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप रूस के दखल के दावों को ख़ारिज करते रहे हैं। तो क्या सीआईए के निदेशक को सभी को ख़ुश रखकर चलना पड़ता है? इसके जवाब में पॉम्पियो कहते हैं, "मैं ऐसा नहीं करता, मैं वही करता हूं जो सच है। हम रोजाना राष्ट्रपति को ख़ुद वही सच्चाई बताते हैं जो हमें पता चलती है।"

पॉम्पियो हाल ही में आई किताब फ़ायर एंड फ्यूरी में राष्ट्रपति ट्रंप पर उठाए गए सवालों से इत्तफाक नहीं रखते। वह कहते हैं, "यह हास्यास्पद है. मैंने न तो किताब पढ़ी है और न ही मेरा पढ़ने का इरादा है। किताब में राष्ट्रपति को लेकर किए गए दावे खतरनाक और झूठे हैं। मुझे दुख होता है कि इस बकवास को लिखने के लिए किसी को कैसे समय मिल सकता है।"

ट्रंप की भाषा का समर्थन
पिछले दिनों राष्ट्रपति ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन को 'रॉकेट मैन' कहा था और अमरीका के न्यूक्लियर बटन को लेकर भी बड़ी शान से बातें की थीं। मगर पॉम्पियो कहते हैं कि इस तरह के बयानों से उत्तर कोरियाई नेता और अन्य देशों के नेताओं को मौजूदा स्थिति की गंभीरता के बारे में प्रभावित करने में मदद मिली।

"जब राष्ट्रपति इस तरह की भाषा का चुनाव करते हैं, यकीन मानिए कि किम जोंग-उन को समझ आता है कि अमरीका गंभीर है।" उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम सीआईए के अजेंडे में प्रमुखता पर है। पॉम्पियो कहते हैं, "उत्तर कोरिया चंद महीनों के अंदर अमेरिका में परमाणु हथियार गिराने के काबिल हो सकता है।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या किम जोंग-उन को हटाना या फिर उन्हें परमाणु मिसाइल लॉन्च करने से रोकना संभव है, पॉम्पियो कहते हैं, "बहुत कुछ संभव है।" मगर उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके ऐसा कहने का मतलब क्या है।

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