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इस शख्स ने किया साबित खाना खाने के लिए हाथ नहीं 'इच्छा' है जरूरी
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
Updated Wed, 29 Mar 2017 12:46 PM IST
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बिल कोचेवर
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विज्ञान की दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी शख्स ने अपने विचारों की मदद से खुद को खाना खिलाया है। क्लीवलैंड में एक पैरालाइज्ड व्यक्ति ने 8 सालों में पहली बार अपने विचारों की मदद से खुद को खाना खिलाया। कंप्यूटर ब्रेन इंटरफेस ने उसके दिमाग में पैदा होने वाले विचारों को पढ़ा और हाथ की मांसपेशियों को हिलाने का सिग्नल भेजा।
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बिल कोचेवर नाम का शख्स एक दुर्घटना के बाद पैरालाइसिस का शिकार हो गया था। बिल ने बताया कि अपने दाएं हाथ को फिर से काम करने लायक पाने में उसे बहुत खुशी हो रही है। दरअसल एक्सीडेंट के बाद बिल अपने धड़ से नीचे का हिस्सा हिला सकते में असमर्थ था।
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शोधकर्ताओं ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरी तरह से पैरालाइसिस के शिकार व्यक्ति ने दिमाग को नियंत्रित करके ऐसा कारनामा किया हो। लेकिन लैब के बाहर इस तरीके से ऐसा करना थोड़ा मुश्किल होगा।
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वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी और क्लीवलैंड फंक्शनल इलेक्ट्रिकल स्टीमुलेशन सेंटर के शोधकर्ताओं ने बिल का हाथ नियंत्रित करने के लिए ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस और इलेक्ट्रिकल स्टीमुलेशन सिस्टम का सहारा लिया था।
इसके लिए रिसर्च टीम ने बिल के दिमाग के मूवमेंट सेंटर में 2 सेंसर लगाए थे जिनका आकार एक छोटी दवा के टैबलेट के बराबर था। सेंसर ने बिल के दिमाग में चल रहे सिग्नल को रिकॉर्ड किया और इसे कंप्यूटर को भेज दिया। कंप्यूटर ने इस सिग्नल को इलेक्ट्रॉनिक स्टीमुलेशन सिस्टम के पास भेजा जिसके बाद 30 तारों की मदद से कोचेवर अपने हाथ को हिला पाए।