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एक अनोखी प्रेम कहानी, 'अली से मेरी 30 सालों तक खतो किताबत चली'

Fri, 10 Jun 2016 05:11 PM IST
बीबीसी/ वाशिंगटन
बीबीसी/ वाशिंगटन Updated Fri, 10 Jun 2016 05:11 PM IST
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An unique love story of 'Super Hero' Muhammad Ali and a girl
मोहम्मद अली और स्टेफनी मीड - फोटो : BBC

स्टेफनी मीड जब 10 साल की थीं तब उन्होंने बॉक्सर मोहम्मद अली को पहला खत लिखा था। इस बात को 30 साल गुजर जाने के बाद भी दोनों के बीच खतो किताबत जारी रही। वॉशिंगटन के सिएटल की स्टेफनी ने बीबीसी को बताया कि किस तरह इन खतों ने उनकी जिंदगी बदल दी। दुनिया के लिए वो एक महान एथलीट और मानवाधिकार पर मुखरता से बोलने वाले व्यक्ति थे लेकिन मेरे लिए वो एक दोस्त जैसे थे। 

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मेरी जिंदगी पर उनका बहुत बड़ा असर रहा है। मैं जब दस साल की थी तब मैंने मोहम्मद अली को खत लिखा था। सभी ने मुझे बताया कि जवाबी खत कभी नहीं आएगा लेकिन तीन सप्ताह बाद ही मेरे खत पहुंचने की तारीख के दिन लिखा हुआ एक खत मुझे मिला। ये हाथ से लिखा हुआ था। इसमें लिखा था, "प्यारी स्टेफनी, इतने प्यारे खत के लिए शुक्रिया। मैं उम्मीद करता हूं कि किसी दिन हम मिलेगें। मेरे सभी प्रशंसकों को बोलना कि मैंने उन्हें 'हेलो' कहा है। मेरी तरफ से तुम्हारी मां और पिता को शुभकामनाएं। अल्लाह हमेशा तुम्हें सलामत रखे और रास्ता दिखाए। मोहम्मद अली की ओर से प्यार।"
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मैं कोई सामान्य बच्ची नहीं थी। जब मैं चार साल की थी मेरे पिता विकलांग हो गए थे और इसलिए उस दरम्यान जब अधिकांश बच्चे बाहर खेल रहे होते, तो मैं उनके साथ बैठकर टीवी देख रही होती थी। हम अली के मैच के वीडियो देखते। छह साल की उम्र तक तो मैं आपको अली के हर उस मैच की एक-एक बात बता सकती थी, जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया था। जब मैं स्कूल गई तो मेरे दोस्त सुपरमैन के बारे में बातें करते थे, लेकिन मैं उन सबको बेवकूफ समझती थी क्योंकि मेरे पास अली थे। वो मेरे अपने सुपरहीरो थे। मैंने उन्हें अपना रिपोर्ट कार्ड भेजा और अपना सबसे गोपनीय राज बताया।

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माइक टायसन से मेरे लिए सीट खाली करने को कहा

An unique love story of 'Super Hero' Muhammad Ali and a girl
मोहम्मद अली ने दिया खत का जवाब - फोटो : BBC

स्टेफनी ने बताया कि बिना नागा किए मोहम्मद अली ने हरेक खत का जवाब दिया और मैं हर महीने एक खत भेजने की आदी हो गई थी। मैं हमेशा उनसे मिलने की इच्छा जाहिर करती तो उनका जवाब होता, "मैं भी तुमसे मिलने की उम्मीद करता हूं। कृपया अपने मम्मी और डैडी को मेरी तरफ से हेलो बोलना। भगवान तुम्हे सलामत रखे।" खतो किताबत का ये सिलसिला सालों तक चलता रहा, जबतक कि पार्किंसन्स की बीमारी ने उन्हें लिखने के लायक भी न छोड़ा। लेकिन मैंने उन्हें कार्ड और खत भेजना जारी रखा।

साल 1992 में, जब मैं कॉलेज स्टूडेंट के रूप में संघर्ष कर रही थी, मैंने सुना कि पास के सिएटल में ही उन्हें सम्मानित किया जा रहा है और तब मुझे लगा कि उन्हें देखने का यही मौका है। मैं उस होटल के बाहर पहुंची जहां वो रुके हुए थे और मैंने वहां के कुछ सुरक्षाकर्मियों से बताया कि अली मुझे खत लिखते हैं और उनसे विनती की कि वो उन्हें ये खत दिखाएं।

इसके बाद मुझे बस इतना याद है कि मुझे मोहम्मद अली के पास ले जाया जा रहा था। मोहम्मद अली ने माइक टायसन से मेरे लिए सीट खाली करने को कहा। आखिरकार मैं अपने हीरो से मिलने में कामयाब हो गई थी। उनके बारे में जितना आप अच्छा सोच सकते हैं, वो सारी खूबियां उनमें थीं। उस समय तक उनकी बोली थोड़ी सुस्त पड़ गई थी लेकिन बावजूद इसके यह बहुत असाधारण थी। पता चला कि खत लिखने के अंतराल में वो अपना घर बदल चुके हैं, लेकिन उन्होंने एक कागज पर अपना नया पता लिखा और खत लिखते रहने को कहा।

' उनकी आंखें जीवंत थीं और उन्होंने मेरा हाथ दबाया'

An unique love story of 'Super Hero' Muhammad Ali and a girl
मोहम्मद अली के गले मिलने का मिला मौका - फोटो : BBC

मैं महीने में एक बार उन्हें एक कार्ड या खत भेजती तो उधर से उनकी ओर से टाइप किया हुआ, शायद उनकी पत्नी लोनी उसमें मदद करती थीं, मुझे खत मिलता। 2014 में उन्होंने मुझे पूरे परिवार के साथ अपने घर आमंत्रित किया। मेरे लिए यह बहुत खास था क्योंकि मेरे विकलांग पिता भी अपने हीरो से आखिरकार मिल सके। मैं उन्हें बता रही थी कि मैं उन्हें कितना प्यार करती थी। और बोलने में अक्षम होने के बावजूद उनकी आंखें जीवंत थीं और उन्होंने मेरा हाथ दबाया और गले लगा लिया।

जी, मोहम्मद अली ने मुझे पलटकर प्यार किया। मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती कि मैंने कैसा महसूस किया। लोनी ने मुझे बराबर खत लिखते रहने को कहा और बताया कि वो अली को खत पढ़कर सुनाएंगी। उन्होंने कहा कि ये खत अली को खुश कर देते हैं।

दुनिया ने एक महान एथलीट, एक चैंपियन और एक मानवाधिकार कार्यकर्ता को खो दिया। मैंने अपने सबसे बेहतरीन दोस्त को खो दिया। जो उन्होंने कहा था, वो बिल्कुल सच है, वो हर समय के महान व्यक्ति थे। स्टेफनी अली के अंतिम संस्कार में शामिल होने सिएटल से लुईविले जाएंगी।

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