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रूस से सैन्य उपकरण खरीदने पर लगे प्रतिबंध पर भारत की मदद कर सकता है अमेरिका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 22 Jul 2018 08:36 AM IST
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अमेरिका ने शनिवार को कहा है कि वह भारत सहित अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शन एक्ट (सीएएटीएसए) के अंतर्गत आने वाले सभी प्रतिबंधात्मक गतिविधि टालने और उसकी पहचान करने की कोशिश कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह सीएएटीएसए को लागू कराने को लेकर प्रतिबद्ध है जिसके तहत रूस से महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हमने सीएएटीएसए पर भारत सरकार के साथ चर्चा की है और अमेरिका साझेदारों की मदद के लिए संभावित प्रतिबंधात्मक गतिविधि को टालने और इसकी पहचान करने पर उनके साथ मिलकर काम कर रहा है।' प्रवक्ता ने एक दिन पहले रक्षामंत्री जिम मैटिस के दिए हुए बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में यह बाते कहीं।
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अपने बयान में मैटिस ने सीएएटीएसए के अंतर्गत आने वाले उन देशों को प्रतिबंधों से छूट देने की कही थी जो रूस पर अपनी सैन्य निर्भरता में बदलाव कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री को सीएएटीएसए में छूट देने का अधिकार देते हुए मैटिस ने कहा कि इससे देश रूसी सैन्य उपकरणों पर अपनी निर्भरता में लगातार बदलाव लाते हुए अमेरिका के साथ करीबी सुरक्षा संबंध बना सकेंगे।
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मैटिस ने कहा था, 'हमें खुद से जो मौलिक सवाल पूछना चाहिए वह यह कि क्या हम अपने साझेदारों को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत करने की इच्छा रखते हैं या फिर उनके लिए रूस के पास जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं छोड़ते हैं। इस तरह से हम वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के लिए अमेरिकी दृष्टिकोण को बताने के लिए दशक में एक बार मिले मौके को कमजोर कर देंगे।'
प्रवक्ता ने कहा, 'प्रशासन अनुच्छेद 231 सहित सीएएटीएसए के क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।' अनुच्छेद 231 ऐसे किसी भी शख्स पर प्रतिबंध लगाने की बात करता है जो जानबूझकर किसी ऐसे शख्स के साथ महत्वपूर्ण लेनदेन के काम से जुड़ता है जो रूस संघ सरकार की रक्षा या खुफिया क्षेत्र का हिस्सा हो या इनके लिए या इनकी तरफ से काम करता हो। बता दें कि अमेरिका और भारत के बीच सितंबर में 2 प्लस 2 डायलॉग होने वाला है।