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2015 से अब तक करीब 30,000 अफगान सैनिकों की मौत : गनी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:49 PM IST
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अशरफ गनी
- फोटो : FILE PHOTO
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी का कहना है कि 2015 से अभी तक अफगान सुरक्षा बलों के करीब 30,000 कर्मी मारे गए हैं जो पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है। गनी ने इस सप्ताह वीडियो लिंक के जरिए वाशिंगटन स्थित जॉन्स हॉकिंस स्कूल ऑफ एडवांस इंटरनेशनल स्टडीज में बातचीत की। वह कभी इसी विश्वविद्यालय में एंथ्रोपोलॉजी के प्रोफेसर हुआ करते थे।
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गनी ने कहा कि 2015 के आरंभ में स्थानीय पुलिस और सैन्य टुकड़ियों के नाटो से सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से अब तक हमारे 28 हजार 529 सुरक्षा कर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। इस दौरान 58 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है। अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों की मौत में इजाफे से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिकी दावों के विपरीत यहां तालिबान और मजबूत हुआ है।
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गनी ने कहा कि वे अफगान सुरक्षा बलों के जवानों कि निष्ठा और देशभक्क्ति को सलाम करते हैं। अफगान में देश सेवा के लिए कोई सैन्य भर्ती नहीं होती, न ही किसी से जबरदस्ती कि जाती है। यदि किसी के अंदर देश भक्ति का भाव नहीं होगा तो कोई भी मात्र 200 डॉलरों के लिए अपनी जान नहीं गवायेगा।
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जनरल जॉन निकोलसन जो अभी नाटो के प्रमुख पद से रिटायर हुए हैं के दावों के अनुसार, 2015 में कुल 5000 अफगान सुरक्षा बल के जवान मारे गए थे और 15000 घायल हुए थे। इन आंकड़े 2016 से 2018 तक लगातार बढ़ोतरी हुई है।
वर्ष 2017 में अफगान सुरक्षा बलों के बीच दुर्घटना दर गिरने लगी क्योंकि अमेरिका ने तालिबान के खिलाफ हवाई हमलों की गति में वृद्धि की थी और थोड़ा सुधर होना शुरू हुआ। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान पुनर्निर्माण (एसआईजीएआर) के यूएस स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल ने काबुल में नाटो मिशन का हवाला देते हुए कहा कि इस ग्रीष्मकालीन टोल अफगान बलों के लिए पहले से भी बदतर है।
अमेरिका द्वारा अफ़ग़ानिस्तान पर किये गए हमले के 17 से अधिक वर्षों बाद, संघर्ष अब भी जारी है और अमेरिका युद्ध से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है।