'आतंकियों पर कार्रवाई से तय होंगे भारत-पाक रिश्ते'
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अमेरिकी खुफिया प्रमुख ने कहा है कि पठानकोट आतंकी हमले के बाद भारत-पाक संबंध तनावपूर्ण हैं। साथ ही इस साल पाकिस्तान के साथ भारत की वार्ता इस बात पर निर्भर कर सकती है कि पाकिस्तान इस हमले से जुड़े लोगों पर किस तरह कार्रवाई करता है।
राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक जेम्स क्लैपर ने सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति से मंगलवार को कहा, ‘दिसंबर में द्विपक्षीय वार्ता शुरू होने के बावजूद पाकिस्तान और भारत के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।’
क्लैपर ने कहा, ‘भारत में पठानकोट वायुसेना बेस पर जनवरी की शुरुआत में हुए आतंकवादी हमले के बाद 2016 में पाकिस्तान के साथ उसके (भारत) संबंध पाकिस्तान में मौजूद हमले से संबद्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की उसकी इच्छा पर संभवत: निर्भर करेंगे।’
पाक को आतंक के खिलाफ और कदम उठाने की जरूरत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि वह क्लैपर के आकलन से सहमत हैं। किर्बी ने कहा, ‘पाकिस्तान ने खुद सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह आतंकवादी समूहों के बीच अंतर नहीं करेगा और हम जानते हैं कि वे भी इस खतरे का सामना कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि दोनों पक्ष उस वार्ता को जारी रखें जो उन्होंने शुरू की है।
हम यह बात समझते हैं कि अब भी स्थिति तनावपूर्ण है लेकिन हम चाहते हैं कि वे वार्ता जारी रखें जो उन्होंने उस स्थिति से निपटने के लिए शुरू की है। उन्होंने कहा कि जो भी देश आतंकवाद का सामना कर रहे हैं, उनके लिए महत्वपूर्ण है कि वे अपने लोगों और अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए कार्रवाई करें।
साथ ही, समाज के लिए खतरनाक ऐसे तत्वों को पनपने से भी रोकें। हाल के वक्त में पाकिस्तान ने आतंकवाद के खात्मे के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन उसे अभी और कदम उठाने की जरूरत है।