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अमेरिका: सिंगापुर के नागरिक ने चीन के लिए जासूसी करने का जुर्म कबूला
Sat, 25 Jul 2020 10:31 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:31 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने कहा कि सिंगापुर के एक नागरिक ने चीन का जासूस होने का जुर्म स्वीकार कर लिया है। सिंगापुर के नागरिक जुन वेई येओ उर्फ डिक्सन येओ ने अमेरिका के भीतर विदेशी ताकत का अवैध एजेंट होने के जुर्म को स्वीकार करने वाली याचिका दाखिल की।
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न्याय मंत्रालय की राष्ट्रीय सुरक्षा इकाई के लिए अमेरिका के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन सी डेमर्स ने कहा कि चीनी सरकार ऐसे अमेरिकियों से संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए छल कपट का जाल बुनती है जिन पर किसी तरह का संदेह नहीं होता।
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डेमर्स ने कहा,'येओ भी ऐसी ही एक योजना के केंद्र में था और करियर नेटवर्किंग साइट और फर्जी कंसल्टिंग साइट के जरिए ऐसे अमेरिकी नागरिकों को फंसाता था जो चीन की सरकार के काम आ सकते हों। यह अमेरिकी समाज के खुलेपन का फायदा उठाने के चीन की सरकार के उत्पीड़न का एक और उदाहरण है।'
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कोलंबिया के कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी माइकल आर शेरविन ने कहा कि जुर्म कबूलने की याचिका उन तरीकों को रेखांकित करती है जिनका इस्तेमाल चीनी सरकार संवेदनशील सरकारी सूचनाओं तक पहुंच रखने वाले अमेरिकियों को अपना शिकार बनाने के लिए लगातार कर रही है। इनमें इंटरनेट और चीन के बाहर के नागरिकों का इस्तेमाल करना शामिल है और ये ऐसे अमेरिकों का इस्तेमाल करते हैं जो कभी अमेरिका से बाहर नहीं जाते।
एफबीआई वाशिंगटन फील्ड ऑफिस के सहायक निदेशक प्रभारी टिमोथी आर स्लेटर ने कहा कि येओ ने स्वीकार किया कि उन्होंने न केवल चीनी खुफिया विभाग को अहम जानकारियां दी, बल्कि उसने अमेरिका में भी इस काम के लिए लोगों को जानबूझकर भर्ती किया। याचिका के अनुसार येओ ने 2015 में चीनी खुफिया अधिकारी के साथ काम करना शुरू किया और पहले इनका निशाना एशिया के देश थे बाद में इन्होंने अमेरिका पर ध्यान केंद्रित किया।