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चीन हिरासत शिविरों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मानवाधिकारों का कर रहा घोर उल्लंघन: अमेरिका
Wed, 27 Nov 2019 03:05 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 27 Nov 2019 03:05 PM IST
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि हाल में लीक हुए दस्तावेजों से पता चला है कि चीन सरकार ने अशांत शिनजियांग प्रांत में मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यकों को क्रूरता से हिरासत शिविरों में बंद कर रखा है और वह उनका सुनियोजित तरीके से दमन कर रही है। पोम्पिओ ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी हिरासत शिविरों में मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रही है।
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विदेश मंत्रालय में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पोम्पिओ ने कहा कि दुनियाभर के देश अब यह जान रहे हैं कि चीन में क्या हो रहा है। ये देश शिनजियांग में लोगों के लिए मानवाधिकारों के हालात में सुधार करने के वास्ते अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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पोम्पिओ ने चीन सरकार से उन सभी लोगों को फौरन रिहा करने का आह्वान किया जिन्हें मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया और साथ ही उससे अपनी कठोर नीतियों को भी खत्म करने को कहा है जिससे शिनजियांग में उसके अपने ही नागरिक भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि चीन की सरकार ने ईसाइयों, तिब्बतियों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों का भी दमन किया।
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पोम्पिओ ने कहा कि हमने हाल फिलहाल में जारी हुए शिनजियांग पेपर्स देखे हैं। इनमें चीन सरकार की शिनजियांग में उइगरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों को क्रूर ढंग से हिरासत में लेने और उनके सुनियोजित दमन के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्टें इस बात का सबूत है कि चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रही है।