{"_id":"5ef824e18ebc3e432d3699a1","slug":"america-nsa-robert-o-brien-compare-chinese-president-xi-jinping-to-russias-dictator-joseph-stalin","type":"story","status":"publish","title_hn":"तानाशाह जोसेफ स्टालिन के उत्तराधिकारी हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग: अमेरिकी एनएसए","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
तानाशाह जोसेफ स्टालिन के उत्तराधिकारी हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग: अमेरिकी एनएसए
Sun, 28 Jun 2020 10:39 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 28 Jun 2020 10:39 AM IST
विज्ञापन
रॉबर्ट ओ ब्रायन (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) रॉबर्ट ओ ब्रायन ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन की तरफ से चीन के खिलाफ एक और बड़ा हमला किया। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तुलना रूस के क्रूर तानाशाह जोसेफ स्टालिन से की जिसकी नीतियों के कारण लाखों लोग मारे गए थे।
विज्ञापन
ओ ब्रायन ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी प्रोपेगैंडा के माध्यम से अमेरिकियों का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। वह बड़ी चीनी कंपनियों के जरिए उनके ‘सबसे निजी डेटा’ का संग्रह करती है और यहां तक की उसने हॉलीवुड पर भी सेल्फ-सेंसरशिप का दबाव डाला।
विज्ञापन
ब्रायन ने कहा कि चीन सीमाओं से परे रहने वाले लोगों के दिमाग को नियंत्रित करने का प्रयास करता रहता है। कम्युनिस्ट पार्टी व्यापार का उपयोग अपने फरमानों का अनुपालन करने के लिए करता है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-अमेरिकी एफ- 22 जेट ने अलास्का में दो रूसी समुद्री गश्ती विमान को रोका
ब्रायन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए है और अमेरिका में चीनी प्रभाव को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए छह कदमों की रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है।
जहां अमेरिकी एनएसए ने अमेरिका में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पैठ के बारे में खुलकर बताया है, वहीं उनके भारतीय समकक्ष अजित डोभाल ने दिल्ली स्थित थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में एक पेपर लिखा है जिसमें ‘दुश्मन देशों’ में पीएलएल के खुफिया प्रवेश की जानकारी है।
डोभाल ने अपने पेपर में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की संरचना और लोकतांत्रिक देशों में एक उपकरण के तौर पर प्रोपेगैंडा के उपयोग की व्याख्या की है। इसके एक प्रमाण की अब अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्राजील में पहचान हो रही है।