दक्षिणी चीन सागर में एयरक्राफ्ट करियर की तैनाती पर भड़का चीन, अमेरिकी नौसेना ने ली चुटकी
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दक्षिणी चीन सागर में दो अमेरिकी विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट करियर) को तैनाती पर चीन ने अमेरिका को धमकी दी है। चीन की इस धमकी पर अमेरिकी नौसेना ने चुटकी ली है। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने रविवार को चीन के मिसाइलों की तस्वीर ट्वीट करते हुए अमेरिका को धमकी दी थी।
ग्लोबल टाइम्स ने एक विश्लेषक के हवाले से लिखा, 'चीन के पास बड़ी संख्या में विमान-रोधी वाहक हथियार (एंटी एयरक्राफ्ट करियर वेपंस) हैं। हमारे पास डीएफ-21डी और डीएफ-26 जैसे एयरक्राफ्ट को तबाह कर देने वाली मिसाइल हैं। दक्षिणी चीन सागर पूरी तरह से चीन की पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के कब्जे में है। इस क्षेत्र में कोई भी अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर की गतिविधि पीएलए की अनुमति के बिना नहीं हो सकती।'
चीन की धमकी पर चुटकी लेते हुए अमेरिकी नौसेना के सूचना प्रमुख के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने इस ट्वीट पर जवाब लिखा, 'और इसके बावजूद वे यहां हैं। अमेरिकी नौसेना के दो एयरक्राफ्ट करियर दक्षिणी चीन सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में गतिविधियां कर रहे हैं। यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन किसी से डरने वाले नहीं हैं।' बता दें कि अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोत फिलहाल दक्षिणी चीन सागर में मौजूद हैं और यहां से कुछ ही दूरी पर चीनी नौसेना का अभ्यास हो रहा है।
इससे पहले यूएस नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर शॉन ब्रोफी ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज, यूएसएस रोनाल्ड रीगन और चार युद्धपोत दिन-रात साउथ चाइना सी में युद्धाभ्यास कर रहे हैं। अमेरिकी नौसेना दिन और रात दोनों ही समय में युद्धाभ्यास करके चीन को किसी भी दुस्साहस के खिलाफ सख्त संदेश दे रही है।
चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले अपने दो विमानवाहक पोत दक्षिण चीन सागर में तैनात कर रखे हैं। ये दोनों विमानवाहक पोत दुनियाभर में अमेरिकी नौसैनिक ताकत के प्रतीक माने जाते हैं।
चीनी प्रवक्ता ने कहा, क्षेत्रीय स्थिरता को कम करना है अमेरिकी मकसद
चीन ने सोमवार को दक्षिण चीन सागर के रणनीतिक जलमार्ग में दो अमेरिकी विमान वाहक जहाजों के संयुक्त युद्धाभ्यास पर बौखलाहट दिखाई। उसने कहा कि इस क्षेत्र में अमेरिका की यह कार्रवाई सिर्फ अपनी सैन्य ताकत के प्रदर्शन की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि यह अभ्यास पूरी तरह से गलत मकसद के साथ क्षेत्र में स्थिरता को कम करने के लिए किया जा रहा है।
बता दें कि अमेरिकी नौसेना ने पिछले सप्ताहांत कहा था कि उसने यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन नामक दो जंगी विमान वाहक युद्धपोतों को दक्षिण चीन सागर में उतार दिया है। चीन इस इलाके में पहले ही सैन्य अभ्यास की घोषणा कर चुका था। ऐसे में एक ही क्षेत्र में एक ही समय पर दो युद्धाभ्यास के चलते क्षेत्र में तनाव फैला हुआ है।
चीन इस इलाके पर अपना दावा करता है जबकि अमेरिका इसे हमेशा से खारिज करता रहा है। इस क्षेत्र से अमेरिका नियमित रूप से जहाजों द्वारा माल की आवाजाही करता रहता है।