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अमेरिका : कॉल सेंटर घोटाले में एक और भारतीय नागरिक दोषी, 16 महीने की कैद
Wed, 03 Apr 2019 05:42 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 03 Apr 2019 05:42 PM IST
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कॉल सेंटर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कॉल सेंटर घोटाला मामले में दोषी करार दिए गए एक भारतीय नागरिक को 16 महीने कैद की सजा सुनाई गई है। इस घोटाले में 340 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी हुई थी जिससे 2,00,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ था। न्याय विभाग ने बुधवार को बताया कि महबूब मंसुराली चरानिया ने जनवरी में धन के अवैध लेन-देन के कारोबार में लिप्त होने का दोष स्वीकार किया था। इसके बाद उसे मामले में दोषी ठहराया गया।
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विभाग का कहना है कि 16 महीने की सजा के बाद तीन साल तक उनपर नजर रखी जाएगी। चरानिया को विशेष समीक्षा के लिए 100 डॉलर की राशि देने और योजना के पीड़ितों को क्षतिपूर्ति के रूप में 2,03,958.02 डॉलर देने का आदेश भी दिया गया है। अमेरिकी अटॉर्नी ब्यूंग जे 'बीजे' पैक ने कहा, ‘चरानिया जिस घोटाले का हिस्सा था उसमें फोन के जरिए झूठ बोलकर, डरा कर, उगाही की धमकी देकर लोगों से पैसे ऐंठे गए थे।’
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अमेरिकी जांच में ऐसे 140 घोटालेबाजों की पहचान हुई है जिनके खिलाफ संघीय आपराधिक कार्यवाही चल रही है या चल चुकी है। घोटालों में कॉल करने वालों ने आईआरएस कर्मचारी होने का नाटक किया और करों और शुल्क के भुगतान की मांग की।
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अन्य घोटालों में अनुदान घोटाले शामिल थे, जहां कॉल करने वालों ने पीड़ितों को काल्पनिक अनुदान के लिए अग्रिम शुल्क जमा करने का निर्देश दिया, स्टूडेंट लोन जहां पीड़तों को धमकी दी गई कि वह लोन से जुड़े फर्जी टैक्स जमा करें। इसके अलावा पीड़ितों के कंप्यूटर हैक कर उन्हें लॉक किया गया और जब तक पीड़ित द्वारा पैसे देने पर ही उन्हें एक्सेस देने की बात कही गई।
अगर पीड़ित पैसे देने के लिए राजी हो जाते तो कॉल सेंटर से चरनिया फर्जी नाम से वायर ट्रांसफर से पैसे जमा करने को कहता। इसमें मनीग्राम और वेस्टर्न यूनियन से पैसे भेजे गए।
चरनिया को सजा सुनाने से एक दिन पहले ही एक और भारतीय को भारत स्थित कॉल सेंटर घोटाले में आठ साल नौ महीने की सजा सुनाई गई थी। नौ जनवरी को आरोपों के लिए दोषी ठहराए गए 31 वर्षीय निशित कुमार पटेल को भी फ्लोरिडा की अदालत ने 2,00,000 अमेरिकी डॉलर नकद और लैंड रोवर गाड़ी को जब्त करने के लिए कहा, जिसे अक्टूबर 2018 में जब्त कर लिया गया था।