Ground Report: इस्राइल के सेडरट शहर और रीम पहुंचा अमर उजाला, हमास ने साल भर पहले यहीं किया था कत्लेआम
सेडरट के एलान मैनॉर कहते हैं...उस दिन मैं दफ्तर के लिए निकला ही था कि अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। मेरा घर मुख्य सड़क पर ही है। कुछ समझ ही नहीं पाया, किसी तरह जान बचाई, मगर शहर के एक व्यावसायिक परिसर में दुकान चलाने वाले मेरे पिता की दुकान पर ही हमास ने गोली मारकर हत्या कर दी।
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तारीख थी सात अक्तूबर, 2023...सुबह के साढ़े छह बज रहे थे। लोग सामान्य दिनों की तरह व्यस्त थे। बच्चे खेलकूद में लगे थे...तभी इस्राइल के दक्षिणी इलाके के सेडरट शहर में अचानक तीन रॉकेट गिरे और बड़ा धमाका हुआ। इसके बाद गाड़ियों से आए हमास लड़ाकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर कत्लेआम मचाना शुरू कर दिया। शहर लाशों के ढेर में तब्दील होने लगा। इससे आक्रोशित इस्राइल ने अपने दुश्मनों से बदला लेना शुरू किया। तब से लेकर आज तक पश्चिम एशिया के इस हिस्से में लगातार युद्ध चल रहा है। एक साल बाद अमर उजाला इस्राइल के उसी सेडरट शहर में पहुंचा, जहां से युद्ध की शुरुआत हुई थी। सिसकियां लेता यह शहर आज भी गुस्से में है। लोग कहते हैं, हमास ने जो दर्द दिया उसकी माफी नहीं हो सकती।
सेडरट के एलान मैनॉर कहते हैं...उस दिन मैं दफ्तर के लिए निकला ही था कि अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। मेरा घर मुख्य सड़क पर ही है। कुछ समझ ही नहीं पाया, किसी तरह जान बचाई, मगर शहर के एक व्यावसायिक परिसर में दुकान चलाने वाले मेरे पिता की दुकान पर ही हमास ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह कहते हैं, नए साल के जश्न की तैयारियों में खुशी के साथ वह दर्द भी उतना ही कचोट रहा है। जब तक हमास का सफाया नहीं होगा, हम लोगों को चैन नहीं मिलेगा।
उस दिन को याद कर हम दहशत में आ जाते हैं। वैसे तो नए साल के जश्न व सबसे बड़े धार्मिक आयोजन योम किप्पुर के दौरान पुरानी गलतियों को माफ किया जाता है, लेकिन हमास ने हमें जो दर्द दिया है, उसकी माफी नहीं हो सकती। -एलान मैनॉर, हमले में पिता को खोया
383 युवाओं को गोलियों से भून दिया...कैसे भूलें
सेडरट शहर से करीब 15 मिनट की दूरी पर रीम का वह इलाका है, जहां 7 अक्तूबर को हमास ने नए साल का जश्न मना रहे इस्राइली लोगों को मार दिया था। यह इलाका गाजा पट्टी के बिल्कुल नजदीक है। यहां मौजूद रिन एमोक कहते हैं, कैसे भूल जाएं कि हमास ने 383 युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। 45 लोगों का अपहरण कर लिया था। वह कहते हैं, उस दिन हमास ने इस्राइल को छेड़ा था, इसलिए हमारी फौज हमास के साथ उन सभी आतंकियों को ठिकाने लगा रही है जो इस्राइल पर हमले कर रहे हैं।
स्थानीय लोग भी तलाशी के बाद ही घुस पाते हैं शहर में
हमास के हमले के बाद से ही इस्राइल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। स्थानीय निवासियों को भी तलाशी के बाद ही शहर में प्रवेश मिल पाता है। सेडरट और रीम इलाके में स्थानीय लोगों की गाड़ियों से ज्यादा सुरक्षा एजेंसियों की गाड़ियां ही नजर आईं। सुरक्षा के इंतजामों के हालात यह है कि शहर में घुसने से पहले ही आपको अपनी पूरी तलाशी देनी पड़ती है। इसके अलावा कदम कदम पर सुरक्षा के लिए इस्राइल डिफेंस फोर्स के अधिकारी और जवान मुस्तैद रहते हैं। इस पूरे इलाके के ज्यादातर कस्बों में घूमने के दौरान लोगों ने बताया पिछले साल हमास के हुए हमले के बाद सुरक्षा के इतने कड़े बंदोबस्त हैं कि स्थानीय निवासी भी अब सामान्य पूछताछ और तलाशी के बाद ही शहर में नहीं घुस पाते हैं।
हमास के हमले में शहीद पुलिस के 20 जवानों की याद में बना दिया मेमोरियल
सेडरट शहर के प्रमुख पुलिस स्टेशन के जवानों ने पिछले साल 7 अक्तूबर को हमास का बहादुरी से सामना किया। करीब 26 घंटे तक चली मुठभेड़ में 20 जवान शहीद हो गए। पुुलिस स्टेशन पूरी तरह तबाह हो गया। उस हमले के बाद इस पुलिस स्टेशन को मेमोरियल बना दिया गया। पिछले हफ्ते ही शुरू हुए इस मेमोरियल पर रोजाना सैकड़ों लोग शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहे हैं। शहर के एलान मैनॉर कहते हैं कि यह मेमोरियल याद दिलाता है कि जवानों ने इस शहर को कैसे बचाया था।