{"_id":"6561b83a6116a8198e0384ac","slug":"al-qadir-trust-corruption-case-imran-khan-moves-supreme-court-for-bail-2023-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Al-Qadir Trust Corruption Case: जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इमरान खान, आईएचसी ने खारिज की थी अर्जी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Al-Qadir Trust Corruption Case: जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इमरान खान, आईएचसी ने खारिज की थी अर्जी
Sat, 25 Nov 2023 02:33 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 25 Nov 2023 02:33 PM IST
सार
पूर्व पीएम 26 सितंबर से ही रावलपिंडी के अदियाला जेल में बंद है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) द्वारा 14 नवंबर को उनकी अर्जी खारीज होने के बाद वह शुक्रवार को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
विज्ञापन
Imran Khan
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अल कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। इमरान और उनकी पत्नी के खिलाफ एक रियल इस्टेट टायकून से रिश्वत के तौर पर अरबों रुपये की जमीन लेने का आरोप है।
आईएचसी से अर्जी खारीज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इमरान
पूर्व पीएम 26 सितंबर से ही रावलपिंडी के अदियाला जेल में बंद है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) द्वारा 14 नवंबर को उनकी अर्जी खारीज होने के बाद उन्होंने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। स्ठानीय मीडिया के अनुसार इमरान खान ने अपनी जमानत याचिका में नेशनल अकाउंटाबिलिटी ब्यूरो पर आरोप लगाया ब्यूरो ने पिछली सरकार के साथ मिलकर इस मामले का इस्तेमाल उन्हें परेशान करने के लिया किया।
अपील में सुप्रीम कोर्ट से आईएचसी के निर्णय और अल कादिर ट्रस्ट मामले में आईएचसी द्वारा 14 नवंबर को लिए गए फैसले और अकाउंटबिलिटी कोर्ट के 10 अगस्त वाले फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। अल कादिर मामला 190 मिलियन पाउंड यानी की 50 अरब के सेटेलमेंट का मामला है, जो यूके के राष्ट्रीय क्राइम एजेंसी ने पाकिस्तानी प्रोपर्टी टायकून से पैसे लेने के बाद उसे पाकिस्तान भेज दिया था।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान ने राष्ट्रीय खजाने में जमा करने के बजाय टायकून को लगभग 450 अरब रुपये के जुर्माने को आंशिक रूप से निपटाने के लिए राशि का उपयोग करने की अनुमति दी थी। इसके बदले में टायकून ने उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 57 एकड़ जमीन रिश्वत के तौर पर दी थी। यह जमीन उन्हें पंजाब के झेलम जिले के सोहावा इलाके में अल कादिर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए दिया गया था।
विज्ञापन
आईएचसी से अर्जी खारीज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इमरान
पूर्व पीएम 26 सितंबर से ही रावलपिंडी के अदियाला जेल में बंद है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) द्वारा 14 नवंबर को उनकी अर्जी खारीज होने के बाद उन्होंने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। स्ठानीय मीडिया के अनुसार इमरान खान ने अपनी जमानत याचिका में नेशनल अकाउंटाबिलिटी ब्यूरो पर आरोप लगाया ब्यूरो ने पिछली सरकार के साथ मिलकर इस मामले का इस्तेमाल उन्हें परेशान करने के लिया किया।
विज्ञापन
अपील में सुप्रीम कोर्ट से आईएचसी के निर्णय और अल कादिर ट्रस्ट मामले में आईएचसी द्वारा 14 नवंबर को लिए गए फैसले और अकाउंटबिलिटी कोर्ट के 10 अगस्त वाले फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। अल कादिर मामला 190 मिलियन पाउंड यानी की 50 अरब के सेटेलमेंट का मामला है, जो यूके के राष्ट्रीय क्राइम एजेंसी ने पाकिस्तानी प्रोपर्टी टायकून से पैसे लेने के बाद उसे पाकिस्तान भेज दिया था।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान ने राष्ट्रीय खजाने में जमा करने के बजाय टायकून को लगभग 450 अरब रुपये के जुर्माने को आंशिक रूप से निपटाने के लिए राशि का उपयोग करने की अनुमति दी थी। इसके बदले में टायकून ने उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 57 एकड़ जमीन रिश्वत के तौर पर दी थी। यह जमीन उन्हें पंजाब के झेलम जिले के सोहावा इलाके में अल कादिर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए दिया गया था।