{"_id":"68579e8dd45ffd94fe0769fa","slug":"after-us-attacks-on-iran-there-is-concern-across-the-world-appeal-for-caution-know-which-country-said-what-2025-06-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"US vs Iran: पाकिस्तान-कतर ने की ईरान पर हमले की निंदा; दुनियाभर में चिंता, संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US vs Iran: पाकिस्तान-कतर ने की ईरान पर हमले की निंदा; दुनियाभर में चिंता, संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील
Sun, 22 Jun 2025 11:41 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 22 Jun 2025 11:41 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि वे दो सप्ताह के भीतर तय करेंगे कि अमेरिका को इस्राइल-ईरान संघर्ष में शामिल होना है या नहीं। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले कर दिए। इन हमलों के बाद पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई।
विज्ञापन
बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप, अयातुल्लाह अली खामेनेई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद से दुनियाभर की चिंता बढ़ गई है। इस्राइल-ईरान तनाव में अमेरिका के शामिल होने के बाद तमाम देश इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इससे क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ेगा। सभी देशों ने अमेरिका, ईरान और इस्राइल से सावधानी बरतने और कूटनीति से काम करने की अपील की है। वहीं पाकिस्तान और कतर ने ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा की है। आइए जानते हैं किस देश ने क्या कहा...
विज्ञापन
एंटोनियो गुटेरेस
- फोटो : ANI
अमेरिका के हमलों ने बढ़ाया खतरा: संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका के हमलों से गंभीर रूप से चिंतित हैं। अब इस बात का खतरा बढ़ रहा है कि इस्राइल-ईरान संघर्ष तेजी से नियंत्रण से बाहर हो सकता है। इसके नागरिकों, क्षेत्र और दुनिया के लिए भयावह परिणाम होंगे। मैं सदस्य देशों से तनाव कम करने का आह्वान करता हूं। कोई सैन्य समाधान नहीं है। आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता कूटनीति है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका के हमलों से गंभीर रूप से चिंतित हैं। अब इस बात का खतरा बढ़ रहा है कि इस्राइल-ईरान संघर्ष तेजी से नियंत्रण से बाहर हो सकता है। इसके नागरिकों, क्षेत्र और दुनिया के लिए भयावह परिणाम होंगे। मैं सदस्य देशों से तनाव कम करने का आह्वान करता हूं। कोई सैन्य समाधान नहीं है। आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता कूटनीति है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विंस्टन पीटर्स, न्यूजीलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री
- फोटो : ANI
बातचीत की ओर लौटें सभी पक्ष: न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने सभी पक्षों से बातचीत पर लौटने की अपील की है। अभी स्पष्ट नहीं है न्यूजीलैंड राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यों का समर्थन करता है या नहीं। विदेश मंत्री ने कहा कि हमले तो अभी-अभी हुए हैं। विदेश मंत्री पीटर्स ने कहा कि यह संकट सबसे गंभीर है जिसका मैंने कभी सामना किया है। इसे बढ़ाने से बचा जा सकता है। कूटनीति से सैन्य कार्रवाई की तुलना में अधिक स्थायी समाधान प्राप्त होगा।
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने सभी पक्षों से बातचीत पर लौटने की अपील की है। अभी स्पष्ट नहीं है न्यूजीलैंड राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यों का समर्थन करता है या नहीं। विदेश मंत्री ने कहा कि हमले तो अभी-अभी हुए हैं। विदेश मंत्री पीटर्स ने कहा कि यह संकट सबसे गंभीर है जिसका मैंने कभी सामना किया है। इसे बढ़ाने से बचा जा सकता है। कूटनीति से सैन्य कार्रवाई की तुलना में अधिक स्थायी समाधान प्राप्त होगा।
चीन का झंडा
- फोटो : ANI
पश्चिम एशिया में सैन्य हस्तक्षेप से बढ़ती है अस्थिरता: चीन
चीन की सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी हमले एक खतरनाक मोड़ हैं। 2003 में इराक पर अमेरिकी आक्रमण का हवाला देते हुए सीजीटीएन के लेख में कहा गया है कि इतिहास ने बार-बार दिखाया है कि मध्य पूर्व में सैन्य हस्तक्षेप अक्सर अनपेक्षित परिणाम उत्पन्न करते हैं। इनमें लंबे समय तक संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता शामिल है। इसलिए जरूरी है कि बातचीत को प्राथमिकता देते हुए संतुलित, कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाया जाए।
ये भी पढ़ें: क्या है बी-2 स्टील्थ बॉम्बर? जिससे अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला, जानिए सबकुछ
चीन की सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी हमले एक खतरनाक मोड़ हैं। 2003 में इराक पर अमेरिकी आक्रमण का हवाला देते हुए सीजीटीएन के लेख में कहा गया है कि इतिहास ने बार-बार दिखाया है कि मध्य पूर्व में सैन्य हस्तक्षेप अक्सर अनपेक्षित परिणाम उत्पन्न करते हैं। इनमें लंबे समय तक संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता शामिल है। इसलिए जरूरी है कि बातचीत को प्राथमिकता देते हुए संतुलित, कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाया जाए।
ये भी पढ़ें: क्या है बी-2 स्टील्थ बॉम्बर? जिससे अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला, जानिए सबकुछ
जापान के पीएम शिगेरू इशिबा
- फोटो : एक्स/@shigeruishiba
जापान के प्रधानमंत्री ने की बैठक
जापान के एनएचके टेलीविजन के अनुसार जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने रविवार दोपहर को ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले को लेकर प्रमुख मंत्रियों के साथ बैठक की। प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने कहा कि स्थिति को यथाशीघ्र शांत करने की जरूरत है। ईरान के परमाणु हथियारों के विकास को भी रोका जाना चाहिए। इशिबा ने कहा कि अधिकारी अभी भी विवरण का आकलन कर रहे हैं तथा ईरान, इस्राइल और क्षेत्र के अन्य स्थानों पर जापानी नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ईरान पर अमेरिकी हमलों से फिलहाल जापान की स्थिर ऊर्जा आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस घटनाक्रम पर तत्काल नजर रखें और हर एहतियात बरतें।
जापान के एनएचके टेलीविजन के अनुसार जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने रविवार दोपहर को ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले को लेकर प्रमुख मंत्रियों के साथ बैठक की। प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने कहा कि स्थिति को यथाशीघ्र शांत करने की जरूरत है। ईरान के परमाणु हथियारों के विकास को भी रोका जाना चाहिए। इशिबा ने कहा कि अधिकारी अभी भी विवरण का आकलन कर रहे हैं तथा ईरान, इस्राइल और क्षेत्र के अन्य स्थानों पर जापानी नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ईरान पर अमेरिकी हमलों से फिलहाल जापान की स्थिर ऊर्जा आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस घटनाक्रम पर तत्काल नजर रखें और हर एहतियात बरतें।
ली जे म्यांग
- फोटो : एक्स/@Jaemyung_Lee
दक्षिण कोरिया में आपात बैठक
दक्षिण कोरिया ने आपातकालीन बैठक की। इसमें अमेरिकी हमलों और दक्षिण कोरिया की संभावित प्रतिक्रिया के सुरक्षा और आर्थिक परिणामों पर चर्चा की। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक वाई सुंग-लैक ने अधिकारियों से दक्षिण कोरिया पर किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए निकट समन्वय स्थापित करने को कहा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सर्वोच्च प्राथमिकता दक्षिण कोरियाई लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनके दैनिक जीवन को स्थिर बनाए रखना है।
ये भी पढ़ें: ईरान पर हमलों के बाद अमेरिकी सीनेटरों ने की ट्रंप की तारीफ, कहा- बेहद साहसिक और सही फैसला
दक्षिण कोरिया ने आपातकालीन बैठक की। इसमें अमेरिकी हमलों और दक्षिण कोरिया की संभावित प्रतिक्रिया के सुरक्षा और आर्थिक परिणामों पर चर्चा की। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक वाई सुंग-लैक ने अधिकारियों से दक्षिण कोरिया पर किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए निकट समन्वय स्थापित करने को कहा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सर्वोच्च प्राथमिकता दक्षिण कोरियाई लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनके दैनिक जीवन को स्थिर बनाए रखना है।
ये भी पढ़ें: ईरान पर हमलों के बाद अमेरिकी सीनेटरों ने की ट्रंप की तारीफ, कहा- बेहद साहसिक और सही फैसला
ऑस्ट्रेलिया फ्लैग
- फोटो : Freepik
ऑस्ट्रेलिया ने तेहरान में बंद किया दूतावास
ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को तेहरान में अपना दूतावास बंद कर दिया। कर्मचारियों को निकाल लिया, संघर्ष के कूटनीतिक अंत के लिए दबाव बनाया है। ऑस्ट्रेलिया के अधिकारी ने कहा कि ईरान का परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। हम अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान पर गौर करते हैं कि अब शांति का समय आ गया है। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अत्यधिक अस्थिर है। हम तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति का आह्वान करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को तेहरान में अपना दूतावास बंद कर दिया। कर्मचारियों को निकाल लिया, संघर्ष के कूटनीतिक अंत के लिए दबाव बनाया है। ऑस्ट्रेलिया के अधिकारी ने कहा कि ईरान का परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। हम अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान पर गौर करते हैं कि अब शांति का समय आ गया है। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अत्यधिक अस्थिर है। हम तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति का आह्वान करते हैं।
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ
- फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
पाकिस्तान
पाकिस्तान ने रविवार को ईरानी परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों की निंदा की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम क्षेत्र में तनाव के और अधिक बढ़ने की संभावना से बहुत चिंतित हैं। यह हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हैं और ईरान को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी रक्षा करने का वैध अधिकार है। ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता के कारण तनाव और हिंसा में अभूतपूर्व वृद्धि बेहद परेशान करने वाली है। तनाव में किसी भी तरह की और वृद्धि से क्षेत्र और उससे आगे के लिए गंभीर रूप से हानिकारक परिणाम होंगे। बयान में कहा गया कि क्षेत्र में संकटों को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और उद्देश्यों के अनुरूप बातचीत और कूटनीति से काम लिया जाए।
पाकिस्तान ने रविवार को ईरानी परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों की निंदा की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम क्षेत्र में तनाव के और अधिक बढ़ने की संभावना से बहुत चिंतित हैं। यह हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हैं और ईरान को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी रक्षा करने का वैध अधिकार है। ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता के कारण तनाव और हिंसा में अभूतपूर्व वृद्धि बेहद परेशान करने वाली है। तनाव में किसी भी तरह की और वृद्धि से क्षेत्र और उससे आगे के लिए गंभीर रूप से हानिकारक परिणाम होंगे। बयान में कहा गया कि क्षेत्र में संकटों को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और उद्देश्यों के अनुरूप बातचीत और कूटनीति से काम लिया जाए।
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी
- फोटो : एक्स/@TamimBinHamad
कतर और ओमान
कतर और ओमान ने ईरान पर अमेरिकी हमले की निंदा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए कहा है।
कतर और ओमान ने ईरान पर अमेरिकी हमले की निंदा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए कहा है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन
- फोटो : https://www.lebarmy.gov.lb/en
लेबनान
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि अमेरिकी बमबारी से क्षेत्रीय संघर्ष पैदा हो सकता है। जिसे कोई भी देश बर्दाश्त नहीं कर सकता और उन्होंने बातचीत का आह्वान किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि लेबनान, इसके नेतृत्व, पार्टियां और लोग, आज पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं कि उन्होंने अपनी भूमि और क्षेत्र में छिड़े युद्धों के लिए भारी कीमत चुकाई है। वह अधिक भुगतने के लिए तैयार नहीं है और ऐसा करने में कोई राष्ट्रीय हित नहीं है। लेबनान के नए नेतृत्व ने कहा कि देश को और अधिक संघर्ष में फंसने से बचना चाहिए, क्योंकि वह खुद को पुनर्निर्माण करने और वर्षों से चले आ रहे आर्थिक संकट से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री नवफ सलाम ने कहा कि लेबनान को संघर्ष के किसी भी संभावित क्षेत्रीय प्रभाव से दूर रहना चाहिए। हमारे लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय हित का सख्ती से पालन करना महत्वपूर्ण होता जा रहा है, जो कि लेबनान को किसी भी तरह से चल रहे क्षेत्रीय टकराव में घसीटे जाने से बचाने की आवश्यकता है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि अमेरिकी बमबारी से क्षेत्रीय संघर्ष पैदा हो सकता है। जिसे कोई भी देश बर्दाश्त नहीं कर सकता और उन्होंने बातचीत का आह्वान किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि लेबनान, इसके नेतृत्व, पार्टियां और लोग, आज पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं कि उन्होंने अपनी भूमि और क्षेत्र में छिड़े युद्धों के लिए भारी कीमत चुकाई है। वह अधिक भुगतने के लिए तैयार नहीं है और ऐसा करने में कोई राष्ट्रीय हित नहीं है। लेबनान के नए नेतृत्व ने कहा कि देश को और अधिक संघर्ष में फंसने से बचना चाहिए, क्योंकि वह खुद को पुनर्निर्माण करने और वर्षों से चले आ रहे आर्थिक संकट से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री नवफ सलाम ने कहा कि लेबनान को संघर्ष के किसी भी संभावित क्षेत्रीय प्रभाव से दूर रहना चाहिए। हमारे लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय हित का सख्ती से पालन करना महत्वपूर्ण होता जा रहा है, जो कि लेबनान को किसी भी तरह से चल रहे क्षेत्रीय टकराव में घसीटे जाने से बचाने की आवश्यकता है।
कीर स्टार्मर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री
- फोटो : ANI
यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान से संकट को कूटनीतिक रूप से समाप्त करने के लिए वार्ता करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्थिर क्षेत्र में स्थिरता प्राथमिकता है। स्टार्मर ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और अमेरिका ने उस खतरे को कम करने के लिए कार्रवाई की है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान से संकट को कूटनीतिक रूप से समाप्त करने के लिए वार्ता करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्थिर क्षेत्र में स्थिरता प्राथमिकता है। स्टार्मर ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और अमेरिका ने उस खतरे को कम करने के लिए कार्रवाई की है।
इस्राइल-ईरान तनाव
- फोटो : PTI
हमास और हूती
यमन में हूती विद्रोहियों और हमास दोनों ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है। हूतियों ने इस्राइल और अमेरिकी आक्रामकता के खिलाफ लड़ाई में ईरान का समर्थन करने की कसम खाई है। हूती राजनीतिक ब्यूरो ने मुस्लिम देशों से इस्राइली-अमेरिकी अहंकार के खिलाफ एक मोर्चे के रूप में जिहाद और प्रतिरोध विकल्प में शामिल होने का आह्वान किया।
यमन में हूती विद्रोहियों और हमास दोनों ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है। हूतियों ने इस्राइल और अमेरिकी आक्रामकता के खिलाफ लड़ाई में ईरान का समर्थन करने की कसम खाई है। हूती राजनीतिक ब्यूरो ने मुस्लिम देशों से इस्राइली-अमेरिकी अहंकार के खिलाफ एक मोर्चे के रूप में जिहाद और प्रतिरोध विकल्प में शामिल होने का आह्वान किया।