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अफगानिस्तान: तालिबान के पास दुनिया के सारे हथियार, टैंक और लड़ाकू विमानों से लेकर ड्रोन तक सबकुछ
Mon, 16 Aug 2021 08:29 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Mon, 16 Aug 2021 08:29 PM IST
सार
अमेरिकी सेना के हड़बड़ी में स्वदेश लौटने का चक्कर कहें या लापरवाही, इस वजह से हथियारों का बड़ा जखीरा तालिबान के हाथ लग गया है। पहले जो हथियार तालिबान के पास नहीं थे, अब वो सब उन्हें हासिल हो गए हैं।
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हथियारों से लैस तालिबानी सेना
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अफगानिस्तान पर काबिज होने से पहले अमेरिकी सेना के रहते हुए ही तालिबान ने हथियारों के मामले में खुद को चाक-चौबंद कर लिया। यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया। ताकि इन्हीं अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों का डर दिखाकर वह आसानी से अफगानिस्तान पर कब्जा जमा जा सके। तालिबानी लड़ाकों के डर से अफगानी जवान ताश के पत्तों की तरह ढह गए और बड़ी आसानी से अफगानिस्तान पर उनका कब्जा होने दिया।
खूंखार तालिबान लड़ाकों के पास अत्याधुनिक टैंक से लेकर ड्रोन तक सब कुछ है। वहीं अमेरिका के छोड़े हुए हथियार भी अब इन्हीं तालिबानियों के कब्जे में है। तालिबान का सोशल मीडिया अकाउंट्स तालिबान लड़ाकों के हथियारों के जखीरे को जब्त करने के वीडियो से भरा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबानियों ने छोटी दूरी के 13 मोर्टार, 122-मिलीमीटर डी -30 के 17 हॉवित्जर जैसे घातक हथियारों पर कब्जा कर लिया है। जून के महीने में तालिबान ने दर्जनों बख्तरबंद वाहनों और 700 ट्रकों पर कब्जा कर लिया था।
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खूंखार तालिबान लड़ाकों के पास अत्याधुनिक टैंक से लेकर ड्रोन तक सब कुछ है। वहीं अमेरिका के छोड़े हुए हथियार भी अब इन्हीं तालिबानियों के कब्जे में है। तालिबान का सोशल मीडिया अकाउंट्स तालिबान लड़ाकों के हथियारों के जखीरे को जब्त करने के वीडियो से भरा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबानियों ने छोटी दूरी के 13 मोर्टार, 122-मिलीमीटर डी -30 के 17 हॉवित्जर जैसे घातक हथियारों पर कब्जा कर लिया है। जून के महीने में तालिबान ने दर्जनों बख्तरबंद वाहनों और 700 ट्रकों पर कब्जा कर लिया था।
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तालिबान (सांकेतिक)
- फोटो : social media
एक नजर में देखते हैं तालिबान के पास पहले कौन से हथियार नहीं थे, अब क्या है?
तालिबान के पास पहले कांम्बैट एयरक्राफ्ट नहीं था लेकिन अब उसके पास सुपर टुकानो अटैक एयरक्राफ्ट है। इसी तरह अब उनके पास एम आई-17 यूटिलिटी हेलिकॉप्टर है, एम आई-24 अटैक हेलिकॉप्टर है। असॉल्ट राइफल में पहले तालिबान के पास क्लाशनिकोव राइफल था। अब एम-16 और एम4 ए1 राइफल्स भी हैं। आर पी के लाइट मशीन गन के साथ-साथ एम2 40 मशीन गन भी है।
यूटिलिटी गाड़ी की बात करें तो पहले तालिबानी लड़ाकू के पास टोयटा पिक-अप ट्रक्स था। लेकिन अब उनके पास हम्वीज और मैक्स प्रो माइन प्रोटेक्टेड गाड़ियां है। हम्वीज का इस्तेमाल अतिसुरक्षित इलाकों में आत्मघाती हमले के लिए किया जा सकता है। अब उनके पास स्कैन इगल सर्वलाइंस ड्रोन और टी-62 मीडियम टैंक भी है।
तालिबान अब अफगान सेना से जब्त किए गए हथियारों और सैन्य हार्डवेयर से भरे कंटेनरों को दिखा रही है, ताकि दुनिया को यह बताया जा सके कि उन्होंने अफगानी सेना को अपने कदमों में झुका दिया है। इन हथियार में 900 बंदूकें, 30 हल्के सामरिक वाहन और 20 सेना पिकअप ट्रक शामिल हैं।
कहा जा रहा है कि तालिबान के पास इतने हथियार हैं और अत्याधुनिक उपकरण हैं वह कई देशों की सेनाओं से अधिक शक्तिशाली हो जाएगा। अमेरिकी सैनिकों के छोड़े गए हथियारों के अलावा पाकिस्तान से भी तालिबान को हथियार सप्लाई होता रहा है। इन हथियारों की खरीद के लिए तालिबान के मुख्य आय का स्रोत नशीली दवाओं की तस्करी, फिरौती व लोगों से मिलने वाला दान है।
तालिबान के पास पहले कांम्बैट एयरक्राफ्ट नहीं था लेकिन अब उसके पास सुपर टुकानो अटैक एयरक्राफ्ट है। इसी तरह अब उनके पास एम आई-17 यूटिलिटी हेलिकॉप्टर है, एम आई-24 अटैक हेलिकॉप्टर है। असॉल्ट राइफल में पहले तालिबान के पास क्लाशनिकोव राइफल था। अब एम-16 और एम4 ए1 राइफल्स भी हैं। आर पी के लाइट मशीन गन के साथ-साथ एम2 40 मशीन गन भी है।
यूटिलिटी गाड़ी की बात करें तो पहले तालिबानी लड़ाकू के पास टोयटा पिक-अप ट्रक्स था। लेकिन अब उनके पास हम्वीज और मैक्स प्रो माइन प्रोटेक्टेड गाड़ियां है। हम्वीज का इस्तेमाल अतिसुरक्षित इलाकों में आत्मघाती हमले के लिए किया जा सकता है। अब उनके पास स्कैन इगल सर्वलाइंस ड्रोन और टी-62 मीडियम टैंक भी है।
तालिबान अब अफगान सेना से जब्त किए गए हथियारों और सैन्य हार्डवेयर से भरे कंटेनरों को दिखा रही है, ताकि दुनिया को यह बताया जा सके कि उन्होंने अफगानी सेना को अपने कदमों में झुका दिया है। इन हथियार में 900 बंदूकें, 30 हल्के सामरिक वाहन और 20 सेना पिकअप ट्रक शामिल हैं।
कहा जा रहा है कि तालिबान के पास इतने हथियार हैं और अत्याधुनिक उपकरण हैं वह कई देशों की सेनाओं से अधिक शक्तिशाली हो जाएगा। अमेरिकी सैनिकों के छोड़े गए हथियारों के अलावा पाकिस्तान से भी तालिबान को हथियार सप्लाई होता रहा है। इन हथियारों की खरीद के लिए तालिबान के मुख्य आय का स्रोत नशीली दवाओं की तस्करी, फिरौती व लोगों से मिलने वाला दान है।