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तालिबान का आतंक: काबुल से जान बचाकर लौटी मां से 12 वर्ष बाद मिली बेटी, एक-दूसरे से गले लगकर फूट-फूटकर रोईं
Sat, 28 Aug 2021 07:34 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 28 Aug 2021 07:34 AM IST
सार
काबुल से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है जहां दो मां-बेटी काबुल छोड़ने के दौरान बिछड़ गई थीं। बिछड़ने के बाद जब वह फ्रांस में मिलीं तो फूट-फूटकर रोईं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान के आतंक के बीच लोगों के देश छोड़ने का सिलसिला लगातार जारी है। जान बचाने के लिए लोग किसी भी तरह से दूसरे देश में शरण लेना चाह रहै हैं। इसी बीच एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है जहां एक मां अपनी बेटी से 12 वर्ष बाद फ्रांस में मिलीं तो फफक- फफक कर रो पड़ीं।
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रिसेप्शन सेंटर के बाहर इंतजार कर रही बेटी दावोद जैसे ही अपनी 56 वर्षीय मां कादिरा को देखा तो भावुक हो गईं और पास आते ही एक-दूसरे को गले लगा लिया और फफक-फफक कर रोने लगीं। कादिरा केबुल से जान बचाकर एक बेटी और तीन बेटों के साथ 12 वर्ष बाद फ्रांस पहुची थीं। बता दें कि दावोद एक अफगानी कलाकार हैं जो वर्ष 2009 के बाद से फ्रांस में रह रही थीं और उसकी मां और चार भाई-बहन अफगानिस्तान में ही रह रहे थे।
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वहीं दावोद ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि उसके परिवार को तालिबान शासकों के दबाव के कारण वहां से जान बचाकर भागना पड़ा। दाऊद ने कहा कि उसका एक भाई अफगान सेना में सेवा दी थी और 2019 में तालिबान द्वारा मारा गया था।
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दावोद ने बताया कि उसे जैसे ही तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जे की जानकारी मिली तो वह परेशान हो गईं। उन्हें अपनी मां और भाई-बहन की सुरक्षा की चिंता सताने लगी। इसके बाद उन्होंने सभी को सुरक्षित काबुल से निकालने के लिए प्रयत्न करने लगीं। कुछ दिन बाद उन्हें इसमें सफलता मिल गई। हालांकि सबसे बड़ी परेशानी काबुल एयरपोर्ट पर थी जहां से उन्हें सुरक्षित विमान में बैठाना था। लेकिन दावोद ने यहां भी कोशिश नहीं छोड़ी और हवाई अड्डे पर फ्रांसीसी दल से संपर्क करने में उनकी मदद की। काफी मशक्कत के बाद कादिरा और उनके बच्चे विमान में सवार हो सके।