अफगान संकट: नाटो ने शुक्रवार को बुलाई असाधारण वर्चुअल बैठक, सदस्य देशों के विदेश मंत्री भाग लेंगे
अफगानिस्तान में पैदा हुए संकट को लेकर नाटो ने 20 अगस्त को वर्चुटल मीटिंग बुलाई है। इसमें वहां के हालात को लेकर विचार होगा।
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अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पैदा हुए हालात से समूची दुनिया चिंतित है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन नाटो ने वहां के हालात व संगठन के साझा दृष्टिकोण पर विचार के लिए 20 अगस्त को असाधारण बैठक बुलाई है।
नाटो के महासचिव जेेंस स्टोलटेनबर्ग ने बुधवार को बताया कि शुक्रवार को होने वाली इस बैठक में संगठन के सदस्य देशों के विदेश मंत्री वर्चुुअल रूप से भाग लेंगे।
"I have convened an extraordinary virtual meeting of NATO Foreign Ministers this Friday 20 August to continue our close coordination & discuss our common approach on Afghanistan," tweets NATO Secretary General, Jens Stoltenberg pic.twitter.com/lTCYI9KI9T
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— ANI (@ANI) August 18, 2021
महिलाओं की सुरक्षा की चिंता को लेकर 21 देशों का साझा बयान जारी
उधर, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा समेत 21 देशों ने साझा बयान जारी कर अफगानिस्तान में महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। बयान में कहा गया है कि हम महिलाओं व लड़कियों के शिक्षा, कामकाज व आजादी के अधिकारों को लेकर चिंतित हैं। इन देशों ने अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ लोगों व निकायों से कहा है कि वे महिलाओं के अधिकारों की गारंटी दें। हम अफगानिस्तान की महिलाओं को मानवीय आधार पर मदद के लिए तैयार हैं। हम हालात पर सतत नजर रखेंगे और देखेंगे कि भावी सरकार इनकी आजादी व अधिकारों की रक्षा करे। बीते 20 सालों में महिलाओं के ये अधिकार उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।