फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   According to Report Sri Lanka China to advance high-quality development of Belt and Road Initiative

चीन-श्रीलंका: राष्ट्रपति दिसानायके-पीएम हरिनी की CPPCC उपाध्यक्ष से मुलाकात, BRI के तहत तेजी से विकास पर सहमति

Sat, 21 Dec 2024 12:58 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 21 Dec 2024 12:58 AM IST
सार

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और पीएम हरिनी अमरसूर्या ने इस बात पर जोर दिया कि 'नई सरकार संयुक्त रूप से उच्च गुणवत्ता के साथ बेल्ट एंड रोड का निर्माण करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका एक-चीन सिद्धांत का पालन करेगा और चीन के साथ उच्च स्तर का आदान-प्रदान बनाए रखना चाहता है।

विज्ञापन
According to Report Sri Lanka China to advance high-quality development of Belt and Road Initiative
चीन श्रीलंका फ्लैग - फोटो : एएनआई

विस्तार

श्रीलंका और चीन ने अरबों डॉलर की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या ने बीते मंगलवार और बुधवार को चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस (सीपीपीसीसी) के उपाध्यक्ष किन बोयोंग से मुलाकात की।

विज्ञापन


यह बैठकें दिसानायके की भारत यात्रा के बाद हुईं, जहां उन्होंने भारतीय नेताओं के साथ बातचीत की थी। इस बैठक में, श्रीलंकाई नेताओं ने आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायता के लिए चीन का आभार व्यक्त किया। 
विज्ञापन


उच्च गुणवत्ता के साथ बीआरआई का निर्माण करने पर जोर
रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'नई सरकार संयुक्त रूप से उच्च गुणवत्ता के साथ बेल्ट एंड रोड का निर्माण करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका एक-चीन सिद्धांत का पालन करेगा और चीन के साथ उच्च स्तर का आदान-प्रदान बनाए रखना चाहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीआरआई एक मेगा कनेक्टिविटी परियोजना है जो चीन को दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, रूस और यूरोप से जोड़ती है।

भारत ने बीआरआई की आलोचना की
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह प्रमुख प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य चीन के वैश्विक प्रभाव को बढ़ाना है। भारत ने इस परियोजना की आलोचना की है, यह कहते हुए कि इन परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों, सुशासन और कानून के शासन पर आधारित होना चाहिए और खुलेपन, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed