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Hindi News ›   World ›   About 200 foreigners including Americans are to leave Kabul in the first airlift since the US withdrawal 

अफगानिस्तान: 200 लोगों को निकाला गया, सैनिकों की वापसी के बाद पहला एयरलिफ्ट

Thu, 09 Sep 2021 07:41 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 09 Sep 2021 07:41 PM IST
सार

अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को मान्यता देने के मामले में अमेरिकी किसी जल्दबाजी के मूड में नहीं है। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बताया कि अमेरिका वहां फंसे अमेरिकी नागरिकों को वापस लाने के लिए तालिबान के संपर्क में है।

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About 200 foreigners including Americans are to leave Kabul in the first airlift since the US withdrawal 
काबुल एयरपोर्ट - फोटो : twitter.com/BarzanSadiq

विस्तार

अमेरिकियों के अफगानिस्तान से भागने के बाद पहली बार सबसे ज्यादा करीब 200 विदेशी नागरिकों को बृहस्पतिवार को अफगानिस्तान से बाहर निकाला गया। तालिबान और अमेरिका के बीच नए सिरे से पैदा हो रहे तनाव के बीच काबुल हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक उड़ान के जरिए उन्हें निकाला गया।
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इससे पहले तालिबान ने कहा था कि जिन लोगों के पास अमेरिका या देश से बाहर जाने के लिए वैध दस्तावेज होंगे, उन्हें ही जाने दिया जाएगा। इसके कई दिन बाद अमेरिकी ग्रीन कार्ड धारकों, जर्मनी, हंगरी और कनाडाई नागरिकों को कतर एयरवेज की उड़ान से निकाला गया है। सभी नागरिकों ने इस यात्रा के लिए टिकट खरीदे इसलिए इसे व्यावसायिक उड़ान माना जा रहा है। अगले दो दिनों में 200 और लोगों को निकाला जा सकता है। वहीं पूरी तरह से उड़ानें शुरू होने को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। अनुमान है कि हजारों लोग अफगानिस्तान छोड़ने के लिए उड़ानें शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
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व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बताया कि अमेरिका फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं करेगा, लेकिन हम वहां फंसे अमेरिकी नागरिकों को वापस लाने के लिए उनके संपर्क में हैं, जो अब अफगानिस्तान को चला रहे हैं और उस पर काबू कर रहे हैं। बता दें कि तालिबान ने 15 अगस्त को अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया था और बीते मंगलवार को तालिबान ने मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व में कैबिनेट का एलान किया था।
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तालिबान की सरकार से जुड़े सवाल के जवाब में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन पास्की ने बताया कि काबुल में नई सरकार को मान्यता देने के लिए अमेरिका जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रशासन में कोई भी, न राष्ट्रपति और न ही राष्ट्रीय सुरक्षा दल में कोई भी यह सुझाव देगा कि तालिबान वैश्विक समुदाय का सम्मानित और मूल्यवान सदस्य है। उन्होंने इसे किसी भी तरह से अर्जित नहीं किया है और हमने कभी भी इसका अंदाजा भी नहीं लगाया है। यह एक कार्यवाहक कैबिनेट है जिसमें कभी कैद किए गए चार पूर्व तालिबान लड़ाके भी शामिल हैं।


उन्होंने कहा कि हमने यह नहीं बताया है कि हम उन्हें मान्यता देने जा रहे हैं और न ही हम मान्यता के लिए जल्दबाजी कर रहे हैं। इससे पहले उन्हें बहुत कुछ करना है। हमें अमेरिकी नागरिकों, कानूनी स्थायी निवासियों, विशेष आव्रजन वीजा (एसपीवी) के आवेदकों को अफगानिस्तान से बाहर निकालने के लिए हम उनसे संपर्क कर रहे हैं। हमें उनके साथ जुड़ना पड़ रहा है क्योंकि वे अभी अफगानिस्तान की देखरेख कर रहे है और देश उनके नियंत्रण में है।
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