{"_id":"5d9714238ebc3e93d0285778","slug":"abe-wants-talk-with-north-korea-and-distance-from-south-korea","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तर कोरिया के साथ शिखर वार्ता करना चाहते हैं आबे, दक्षिण कोरिया से बनाई दूरी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
उत्तर कोरिया के साथ शिखर वार्ता करना चाहते हैं आबे, दक्षिण कोरिया से बनाई दूरी
Fri, 04 Oct 2019 03:26 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 04 Oct 2019 03:26 PM IST
विज्ञापन
शिंजो आबे(फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उत्तर कोरिया की तरफ से लगातार मिसाइल परीक्षण किए जाने के बावजूद उसके नेता किम जोंग उन से मुलाकात करने की शुक्रवार को इच्छा जताई। वहीं युद्धकालीन इतिहास को लेकर तनाव के बीच आबे ने दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता की संभावना के सवालों को नजरअंदाज किया।
आबे ने संसदीय सत्र का आगाज करते हुए अपने नीति के संबंध में दिए भाषण में कहा कि वह किम से मिलने की हरसंभव कोशिश करेंगे। आबे ने कहा कि मैं बिना किसी पूर्व शर्त के चेयरमेन किम जोंग उन से मुलाकात करने को लेकर दृढ़ हूं। उन्होंने उत्तर कोरिया पर अपनी नीति में इस साल के शुरुआत में बदलाव किया था।
इससे पहले वह कहा करते थे कि वह किम से तभी मुलाकात करेंगे जब परमाणु निरस्त्रीकरण और उत्तर कोरिया में अपह्रत जापानी नागरिकों के दशकों पुराने मुद्दे पर कोई प्रगति होगी।
विज्ञापन
लेकिन चीन, दक्षिण कोरिया और रूस जैसे अन्य क्षेत्रीय नेतृत्व के किम से मिलने के फैसले के बाद आबे के रुख में बदलाव आया। उत्तर कोरिया ने इस सप्ताहांत में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता बहाल होने से पहले मिसाइल परीक्षण शुरू कर दिए थे।
इस मामले पर आबे ने अमेरिका के साथ सहयोग करने की बात भले ही दोहराई हो लेकिन पूर्व की तरह उन्होंने दक्षिण कोरिया का जिक्र नहीं किया। उन्होंने बस इतना कहा कि दक्षिण कोरिया को जापानी युद्धकालीन मुआवजे की अपनी मांगों को वापस लेना चाहिए।
विज्ञापन
आबे ने संसदीय सत्र का आगाज करते हुए अपने नीति के संबंध में दिए भाषण में कहा कि वह किम से मिलने की हरसंभव कोशिश करेंगे। आबे ने कहा कि मैं बिना किसी पूर्व शर्त के चेयरमेन किम जोंग उन से मुलाकात करने को लेकर दृढ़ हूं। उन्होंने उत्तर कोरिया पर अपनी नीति में इस साल के शुरुआत में बदलाव किया था।
विज्ञापन
इससे पहले वह कहा करते थे कि वह किम से तभी मुलाकात करेंगे जब परमाणु निरस्त्रीकरण और उत्तर कोरिया में अपह्रत जापानी नागरिकों के दशकों पुराने मुद्दे पर कोई प्रगति होगी।
विज्ञापन
लेकिन चीन, दक्षिण कोरिया और रूस जैसे अन्य क्षेत्रीय नेतृत्व के किम से मिलने के फैसले के बाद आबे के रुख में बदलाव आया। उत्तर कोरिया ने इस सप्ताहांत में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता बहाल होने से पहले मिसाइल परीक्षण शुरू कर दिए थे।
इस मामले पर आबे ने अमेरिका के साथ सहयोग करने की बात भले ही दोहराई हो लेकिन पूर्व की तरह उन्होंने दक्षिण कोरिया का जिक्र नहीं किया। उन्होंने बस इतना कहा कि दक्षिण कोरिया को जापानी युद्धकालीन मुआवजे की अपनी मांगों को वापस लेना चाहिए।