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अमेरिकी सेना की 'ग्रीन बेरेट्स' स्पेशल फोर्स में शामिल होने जा रही हैं पहली महिला सैनिक

Mon, 13 Jul 2020 11:45 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 13 Jul 2020 11:45 AM IST
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A woman soldier is joining US Army Green Berets  Special Forces unit for the first time in history
us army - फोटो : फाइल फोटो

अमेरिका की सबसे बेहतरीन यूनिट में से एक 'ग्रीन बेरेट्स' में पहली बार एक महिला सैनिक शामिल होने जा रही हैं। अमेरिका की स्पेशल फोर्स ट्रेनिंग से ग्रेजुएट होने के बाद वह इस यूनिट में शामिल हो रही हैं। 

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अमेरिकी सेना के मुताबिक, गुरुवार को महिला सैनिक 'कोविड-अनुपालन स्नातक समारोह' से स्नातक हुईं। हालांकि, सेना भविष्य के मिशनों को ध्यान रखते हुए सदस्यों का नाम उजागर नहीं करती है, इसलिए इस सदस्य का नाम भी नहीं बताया गया है। 
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स्नातक समारोह में एक भाषण में, अमेरिकी सेना के विशेष अभियान कमान के कमांडिंग जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल फ्रेंक बेउडेट ने स्नातकों को 'ग्रीन बेरेट पुरुष और महिला' के रूप में संदर्भित किया। 1950 के दशक में स्पेशल फोर्स की आधिकारिक स्थापना के बाद पहली बार महिला सैनिक दल में शामिल हो रही हैं।
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बेउडेट ने अपने भाषण में कहा, 'यहां से, आप आगे बढ़ेंगे और ग्रीन बेरेट्स के स्टोरेज फॉर्मेशन में शामिल होंगे। जहां आप वह करेंगे जिसे करने के लिए आपको प्रशिक्षित किया जाता है: मान्यताओं को चुनौती देना, बाधाओं को तोड़ना, कुछ नया करना और असंभव को प्राप्त करना।'

अमेरिकी सेना की 'ग्रीन बेरेट्स' कुछ आखिर फोर्स में से एक हैं, जहां केवल पुरुष सैनिक को शामिल किया जाता है। 18वीं शताब्दी में अमेरिका के क्रांतिकारी युद्ध के समय से ही महिलाओं की सेना में भूमिकाएं रही हैं, लेकिन 2016 में जाकर अमेरिकी सरकार ने फैसला किया कि अब सभी युद्धक पदों के लिए महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। 


हालांकि, सरकार के इस निर्णय के खिलाफ कुछ विरोध के स्वर भी उठे। मरीन कॉर्प्स ने एक अध्ययन प्रकाशित करते हुए इस फैसले का विरोध किया। अध्ययन में कहा गया कि लड़ाई के दौरान पुरुषों का एकीकृत समूह अधिक प्रभावी होता है। 

अमेरिकी सेना के विशेष बल के सैनिकों को अपरंपरागत युद्ध में सैन्य शाखा के अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। ग्रीन बेरेट्स नाम की इस छोटी यूनिट को विदेश में आतंकवादी गतिविधि या उग्रवाद को रोकने के लिए तैनात किया जाता है। 

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