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9/11 के 25 साल बाद खुली पुरानी फाइल: अल-कायदा नेता संग दिखा संदिग्ध, एफबीआई ने क्यों नहीं की कार्रवाई?
Tue, 08 Sep 2026 08:34 AM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 08 Sep 2026 08:34 AM IST
सार
बीबीसी की जांच रिपोर्ट ने 9/11 के 25 साल बाद ओमर अल-बायूमी को लेकर दबे पुराने सवाल फिर सामने ला दिए हैं। नए सामने आए वीडियो में उसकी अनवर अल-अवलाकी से नजदीकी और सऊदी अधिकारियों से संपर्क दिखाई देता है। ब्रिटेन में उसकी गिरफ्तारी के बाद विमान का बनाया गया स्केच भी मिला था, लेकिन जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अहम सबूत समय पर पूरी तरह नहीं मिल सके। बायूमी पर कभी आरोप नहीं लगा, जबकि सऊदी अरब ने 9/11 में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। क्या है पूरा मामला? जानिए...
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9/11 के 25 साल बाद नए खुलासे
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के करीब 25 साल बाद ओमर अल-बायूमी को लेकर नए सवाल खड़े हुए हैं। बीबीसी की रिपोर्ट में ऐसे पुरानी वीडियो फुटेज सामने आए हैं, जिनमें बायूमी भविष्य के अल-कायदा नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ नजर आ रहा है। एक फुटेज में दोनों सैन डिएगो के पास पेंटबॉल खेलते दिखते हैं। दूसरे वीडियो में बायूमी और अवलाकी एक-दूसरे को गले लगाते नजर आते हैं। खास बात यह है कि इन फुटेज को एफबीआई ने 9/11 हमलों के कुछ ही दिनों बाद हासिल कर लिया था।
पेंटबॉल वाले वीडियो में क्या दिखा?
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 1997 या 1998 की शुरुआत में बनाए गए वीडियो में बायूमी, अवलाकी और दूसरे लोग सैन्य अंदाज में पेंटबॉल खेलते दिखते हैं। कुछ प्रतिभागियों ने सैन्य वर्दी जैसे कपड़े पहन रखे थे। लड़ाई के दौरान कुछ लोग 'अल्लाहु अकबर' भी चिल्लाते सुनाई देते हैं। एफबीआई अधिकारियों को जांच के दौरान बताया गया था कि इन पेंटबॉल सत्रों का इस्तेमाल कुछ लोग जिहाद की ट्रेनिंग के लिए करते थे। इसी फुटेज में सऊदी अरब के इस्लामिक अफेयर्स मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी की मौजूदगी भी बताई गई है।
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बायूमी के पास ऐसा कौन सा सबूत मिला था, जिसने एफबीआई को चौंकाया?
21 सितंबर 2001 को ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बायूमी को गिरफ्तार किया था। तलाशी में हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और कम से कम 80 वीडियो टेप मिले। इनमें एक नोटबुक का पन्ना खास था। उस पर एक विमान का चित्र बना था। साथ ही विमान की ऊंचाई और किसी लक्ष्य से उसकी दूरी से जुड़ी गणनाएं भी थीं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 9/11 पीड़ित परिवारों की कानूनी टीम ने इसे बेहद अहम सबूत माना। टीम की सदस्य जोडी वेस्टब्रुक फ्लावर्स ने कहा, 'जब हमें पता चला कि यह क्या था, तो हमें लगा कि हमें उस सबूत का सबसे अहम टुकड़ा मिल गया है, जिसकी तलाश थी।' बाद में एक संघीय जज ने कहा कि यह दस्तावेज अपने चेहरे पर ही बायूमी को 9/11 हमलों की जानकारी से जोड़ता है।
यह भी पढ़ें: 'ईरान से युद्ध जीतते ही तेल होगा सस्ता': ट्रंप बोले- 2 डॉलर से नीचे जाएगी गैस; एर्दोगन ने इस्राइल को कैसे घेरा?
इतना सबूत था तो एफबीआई आगे क्यों नहीं बढ़ सकी?
यही इस मामले का सबसे बड़ा सवाल है। बीबीसी की जांच में सामने आया कि सैन डिएगो में जांच कर रहे एफबीआई अधिकारियों ने ब्रिटेन से जब्त सामग्री बार-बार मांगी। लेकिन उन्हें बहुत कम सबूत मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, काफी सामग्री उसी पुलिस स्टेशन में मौजूद थी, जहां बायूमी हिरासत में था।
सैन डिएगो जांच का नेतृत्व करने वाले एफबीआई अधिकारी रिक लैम्बर्ट ने कहा, 'मेरा मानना है कि अगर हमें वह सबूत मिला होता और हमने उसका विश्लेषण किया होता, तो हम पहेली के टुकड़ों को बहुत जल्दी जोड़ सकते थे।' जांच अधिकारियों ने बायूमी से जुड़े सऊदी अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति भी मांगी, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं मिली। पूर्व एफबीआई जांचकर्ता स्टीव मूर ने कहा, 'हम इतनी बड़ी रुकावट से टकराए कि लगता था जैसे एयरबैग से टकरा गए हों।'
क्या बायूमी पर कभी आरोप लगा और सऊदी अरब का क्या कहना है?
बायूमी को आखिरकार किसी मामले में आरोपित नहीं किया गया। 9/11 के अभियोजकों की निगरानी कर चुके न्याय विभाग के पूर्व अधिकारी जेफरी ब्रेनहोल्ट ने कहा कि बायूमी उन लोगों में था, जिनके खिलाफ आरोप लगाए जाने की काफी संभावना थी। उन्होंने विमान के चित्र वाले दस्तावेज को अहम सबूत बताया और कहा, 'हमने इससे कम सबूत पर लोगों को दोषी ठहराया है।' उन्होंने पेंटबॉल फुटेज को भी महत्वपूर्ण बताया और अवलाकी की मौजूदगी को खास तौर पर अहम माना।
9/11 हमलों में 2,976 लोगों की मौत हुई थी। बायूमी ने हमलों में अपनी भूमिका से इनकार किया है। सऊदी अरब भी लगातार कहता रहा है कि उसके या उसके अधिकारियों के 9/11 में शामिल होने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। बीबीसी ने एफबीआई से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन एफबीआई ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ये सबूत 9/11 पीड़ित परिवारों की सऊदी अरब के खिलाफ एक ट्रिलियन डॉलर के मुकदमे में जारी किए गए हैं।
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- बायूमी 1994 में सऊदी अरब से सैन डिएगो पहुंचा था। उसने दावा किया था कि वह अंग्रेजी पढ़ने आया है।
- बाद में वह धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय मिला। 9/11 के बाद एफबीआई ने उसे संदिग्ध के तौर पर जांचा था।
पेंटबॉल वाले वीडियो में क्या दिखा?
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 1997 या 1998 की शुरुआत में बनाए गए वीडियो में बायूमी, अवलाकी और दूसरे लोग सैन्य अंदाज में पेंटबॉल खेलते दिखते हैं। कुछ प्रतिभागियों ने सैन्य वर्दी जैसे कपड़े पहन रखे थे। लड़ाई के दौरान कुछ लोग 'अल्लाहु अकबर' भी चिल्लाते सुनाई देते हैं। एफबीआई अधिकारियों को जांच के दौरान बताया गया था कि इन पेंटबॉल सत्रों का इस्तेमाल कुछ लोग जिहाद की ट्रेनिंग के लिए करते थे। इसी फुटेज में सऊदी अरब के इस्लामिक अफेयर्स मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी की मौजूदगी भी बताई गई है।
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- बायूमी और अवलाकी की नजदीकी वीडियो में साफ दिखाई देती है। फुटेज में सैन्य अंदाज वाले पेंटबॉल मुकाबले दर्ज हैं।
- कुछ लोगों के जिहाद प्रशिक्षण से जुड़े होने की बात एफबीआई तक पहुंची थी। बायूमी के सऊदी अधिकारियों से संपर्क भी सामने आया था।
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बायूमी के पास ऐसा कौन सा सबूत मिला था, जिसने एफबीआई को चौंकाया?
21 सितंबर 2001 को ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बायूमी को गिरफ्तार किया था। तलाशी में हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और कम से कम 80 वीडियो टेप मिले। इनमें एक नोटबुक का पन्ना खास था। उस पर एक विमान का चित्र बना था। साथ ही विमान की ऊंचाई और किसी लक्ष्य से उसकी दूरी से जुड़ी गणनाएं भी थीं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 9/11 पीड़ित परिवारों की कानूनी टीम ने इसे बेहद अहम सबूत माना। टीम की सदस्य जोडी वेस्टब्रुक फ्लावर्स ने कहा, 'जब हमें पता चला कि यह क्या था, तो हमें लगा कि हमें उस सबूत का सबसे अहम टुकड़ा मिल गया है, जिसकी तलाश थी।' बाद में एक संघीय जज ने कहा कि यह दस्तावेज अपने चेहरे पर ही बायूमी को 9/11 हमलों की जानकारी से जोड़ता है।
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इतना सबूत था तो एफबीआई आगे क्यों नहीं बढ़ सकी?
यही इस मामले का सबसे बड़ा सवाल है। बीबीसी की जांच में सामने आया कि सैन डिएगो में जांच कर रहे एफबीआई अधिकारियों ने ब्रिटेन से जब्त सामग्री बार-बार मांगी। लेकिन उन्हें बहुत कम सबूत मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, काफी सामग्री उसी पुलिस स्टेशन में मौजूद थी, जहां बायूमी हिरासत में था।
सैन डिएगो जांच का नेतृत्व करने वाले एफबीआई अधिकारी रिक लैम्बर्ट ने कहा, 'मेरा मानना है कि अगर हमें वह सबूत मिला होता और हमने उसका विश्लेषण किया होता, तो हम पहेली के टुकड़ों को बहुत जल्दी जोड़ सकते थे।' जांच अधिकारियों ने बायूमी से जुड़े सऊदी अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति भी मांगी, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं मिली। पूर्व एफबीआई जांचकर्ता स्टीव मूर ने कहा, 'हम इतनी बड़ी रुकावट से टकराए कि लगता था जैसे एयरबैग से टकरा गए हों।'
क्या बायूमी पर कभी आरोप लगा और सऊदी अरब का क्या कहना है?
बायूमी को आखिरकार किसी मामले में आरोपित नहीं किया गया। 9/11 के अभियोजकों की निगरानी कर चुके न्याय विभाग के पूर्व अधिकारी जेफरी ब्रेनहोल्ट ने कहा कि बायूमी उन लोगों में था, जिनके खिलाफ आरोप लगाए जाने की काफी संभावना थी। उन्होंने विमान के चित्र वाले दस्तावेज को अहम सबूत बताया और कहा, 'हमने इससे कम सबूत पर लोगों को दोषी ठहराया है।' उन्होंने पेंटबॉल फुटेज को भी महत्वपूर्ण बताया और अवलाकी की मौजूदगी को खास तौर पर अहम माना।
9/11 हमलों में 2,976 लोगों की मौत हुई थी। बायूमी ने हमलों में अपनी भूमिका से इनकार किया है। सऊदी अरब भी लगातार कहता रहा है कि उसके या उसके अधिकारियों के 9/11 में शामिल होने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। बीबीसी ने एफबीआई से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन एफबीआई ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ये सबूत 9/11 पीड़ित परिवारों की सऊदी अरब के खिलाफ एक ट्रिलियन डॉलर के मुकदमे में जारी किए गए हैं।