70वें नाटो शिखर सम्मेलन का समापन, महासचिव ने कहा- सुरक्षा कवच और मजबूत होगा
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उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की 70वीं वर्षगांठ पर लंदन में आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन बुधवार को संपन्न हो गया। नाटो के महासचिव जेंस स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा कि सम्मेलन में सभी 29 सदस्य देशों के बीच कई अहम मसलों पर सार्थक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि सभी देशों के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि हम सब एक-दूसरे के लिए एक साथ खड़े हैं और भविष्य में और अधिक ताकतवर होंगे।
स्टॉल्टेनबर्ग ने बताया कि बैठक में नाटो की सैन्य ताकत को और अधिक बढ़ाने का फैसला किया गया। सभी सदस्य देशों ने वादा किया है कि 30 दिन के भीतर संगठन में 30 लड़ाकू जहाज और 30 बटालियन जुड़ेगी, जिससे हमारी ताकत और बढ़ेगी। सभी सदस्यों ने एक मंच पर 5जी को लेकर भी चर्चा की, जिससे एक नए आयाम को पाया जा सके।
70 साल की दोस्ती आगे बढ़ेगी
स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा कि पिछले 70 साल से नाटो में चल रहे अमन चैन को भविष्य में भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नाटो एकमात्र ऐसी जगह है, जहां यूरोपीय देश और उत्तरी अमेरिका किसी भी मसले पर खुलकर बात कर सकते हैं। रणनीतिक मसलों और सुरक्षा को लेकर हम एकसाथ फैसला ले सकते हैं।
आतंक के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी
नाटो सदस्य ने बैठक के अंतिम दौर में एक सुर में कहा कि आतंक के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। सभी सदस्य देश आईएसआईएस के खिलाफ जंग लड़ते रहेंगे। इराक और अफगानिस्तान में सैन्य प्रशिक्षण कैंपों का संचालन होता रहेगा, क्योंकि मिशन आतंकवाद को खत्म करना है।
अंतरिक्ष से दुश्मन को जवाब देने की तैयारी
बैठक के दौरान नाटो ने अपना दायरा बढ़ाने का भी फैसला किया है। जमीन, हवा, समुद्र और साइबर क्षेत्र में अपनी बादशाहत कायम करने के बाद अब अंतरिक्ष में कदम रखने की तैयारी है। इसका मकसद है कि नाटो के सदस्य देशों पर हमले की कोशिश करने वाले दुश्मन देश को अंतरिक्ष से ही माकूल जवाब दिया जा सके।
हमारे पास रणनीति ही नहीं सेना भी है
शिखर सम्मेलन के समापन समारोह के बाद स्टॉल्टेनबर्ग से तुर्की की बाल्टिक देशों और पोलैंड के खिलाफ रणनीति पर भी सवाल पूछा गया। जवाब में महासचिव ने कहा कि हमारे पास हर सदस्य देश की सुरक्षा के लिए योजना है। हमारे पास सेना है और पहले से अधिक है। बाल्टिक देशों और पोलैंड में भी हमारी सेना है। नाटो के इतिहास में पहली बार तत्काल युद्ध लड़ने के लिए सुरक्षा बल हैं, जो पूर्वी सदस्य देशों में भी तैनात हैं। हमने नाटो को पहले की तुलना में तीन गुना अधिक ताकतवर बनाया है, आने वाले समय में और ताकतवर होंगे।
2021 में फिर मिलेंगे नाटो देश के नेता
शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन नाटो देश के नेताओं ने ये भी तय किया कि उनकी अगली मुलाकात फिर से वर्ष 2021 में होगी। स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा कि जैसे दुनिया बदल रही है, वैसे ही नाटो भी खुद को निरंतर बदल रहा है।
ये फैसले भी हुए
- यूरोपीय सदस्य देश और कनाडा 130 बिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश करेंगे
- 400 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश होगा वर्ष 2024 के अंत तक
- सदस्य देशों के ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा के लिए भी संयुक्त रूप से काम होगा