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74 साल बाद दफनाए जाएंगे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बंदी बने 300 नाजी विरोधियों के अवशेष

Mon, 15 Apr 2019 06:53 AM IST
गौरव द्विवेदी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव द्विवेदी Updated Mon, 15 Apr 2019 06:53 AM IST
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300 Nazi opponents in second world war will be buried after 74 years
नाजी (प्रतीकात्मक)

रूडोल्फ हिटलर के नाजी शासन के दौरान बर्लिन के एक नाजी डॉक्टर की तरफ से इकट्ठे किए गए 300 से ज्यादा नाजी विरोधी लड़ाकोें के टिश्यू नमूने 13 मई को दफनाए जाएंगे। बिल्ड एम सोनटेग अखबार की रविवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के दौरान एकत्र इन अवशेषों को करीब 74 साल बाद बर्लिन के एक कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।

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बता दें कि महज एक मिलीमीटर से थोड़े ज्यादा लंबे ये छोटे-छोटे नमूने 2016 में सामने आए थे, जब बर्लिन यूनिवर्सिटी के अनॉटमी (शरीर रचना विज्ञान) प्रोफेसर हरमन स्टीव की एस्टेट में उनके उत्तराधिकारियों ने साफ-सफाई कराई थी। उन्होंने इन नमूनों को बर्लिन के चैरिटी हॉस्पिटल को सौंप दिया था। प्रोफेसर स्टीव ने ये नमूने जर्मनी के नाजी विरोधी लड़ाकों के शवों से लिए थे। ये शव इन लड़ाकों के बर्लिन की जेल में मरने के कुछ मिनट बाद चीरफाड़ के लिए प्रोफेसर स्टीव को सौंप दिए जाते थे। 
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1952 में हृदयाघात के कारण मारे गए स्टीव ने अपने शोध के लिए अधिकतर महिला लड़ाकों के शरीरों की चीरफाड़ की थी और उसके बाद वह नमूने लेकर इनके शरीरों का अंतिम क्रिया कर्म कर देते थे। अंतिम क्रिया कर्म की यह क्रिया कई बार सामूहिक दफन के तौर पर भी की गई थी। ये नमूने एक काले बॉक्स में रखे गए थे, जिस पर इन पीड़िताओं के नाम लिखे थे।

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