Peru Violence: पेरू की राजधानी में 30 दिन का आपातकाल घोषित, बढ़ते अपराध और हिंसा के बीच राष्ट्रपति की सख्ती
दक्षिणी अमेरिका के पेरू में अपराध और हिंसा के बढ़ते मामलों पर नई सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति जोसे जेरी ने राजधानी लीमा में 30 दिन के आपातकाल की घोषणा की है। जेरी ने कहा कि अब अपराध के खिलाफ रक्षात्मक नहीं, आक्रामक नीति होगी।
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दक्षिणी अमेरिका स्थित देश पेरू में बढ़ते हिंसा और अपराध के चलते अब वहां की सरकार एक्शन में आती हुई नजर आ रही है। इसके तहत देश के नए राष्ट्रपति जोसे जेरी ने मंगलवार को राजधानी लीमा में 30 दिनों के लिए आपातकाल घोषित कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में हत्याएं, जबरन वसूली और सार्वजनिक स्थानों पर हमले तेजी से बढ़े हैं। आंकड़ो की माने तो जनवरी से सितंबर 2025 के बीच देश में 1,690 हत्याएं दर्ज की गईं, जबकि 2024 में इसी अवधि में 1,502 मामले सामने आए थे।
बता दें कि राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते को अपराध रोकने में विफल रहने के कारण 10 अक्टूबर को संसद ने पद से हटा दिया। हालांकि उन्होंने भी इसी साल मार्च में 30 दिन का आपातकाल लगाया था, लेकिन उससे अपराध पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
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राष्ट्रपति जेरी का सख्त रुख
बोलुआर्ते के स्थान पर राष्ट्रपति बने जेरी ने अपराध और हिंसा के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया। जेरी ने टीवी पर दिए एक संदेश में कहा कि जंग बातों से नहीं, काम से जीती जाती है। उन्होंने कहा कि अब सरकार अपराध के खिलाफ रक्षात्मक नहीं, आक्रामक नीति अपनाएगी।
हिंसक हुआ प्रदर्शन
हालांकि इस घोषणा के बाद भी राजधानी लीमा में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें राष्ट्रपति जोसे जेरी के इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी और पत्रकार भी शामिल हैं।
हालांकि इसके बावजूद भी जेरी ने साफ कहा है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। गौरतलब है कि आपातकाल के तहत सरकार सेना को तैनात कर सकती है और लोगों की आवाजाही और सभा करने के अधिकार पर रोक लगाई जा सकती है।
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