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Panama: अमेरिका से निकाले गए करीब 300 लोग, पनामा के होटल में रोके गए; प्रवासियों के वापसी की प्रक्रिया जारी
Wed, 19 Feb 2025 09:27 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पनामा सिटी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पनामा सिटी
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 19 Feb 2025 09:27 AM IST
सार
Panama: प्रवासियों की बंदी जैसी स्थिति को लेकर पनामा में चिंता बढ़ रही है। कुछ प्रवासियों की खिड़कियों से झांकते और मदद की अपील करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
पनामा में लगभग 300 लोगों को एक होटल में रोका गया है, जिन्हें अमेरिका ने निकाला है। ये लोग अलग-अलग देशों के हैं और जब तक उनकी वापसी की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उन्हें होटल से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, 40% से ज्यादा प्रवासी अपने देश लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। होटल में बंद प्रवासियों ने खिड़कियों पर संदेश लिखे हैं, जिनमें लिखा है - मदद करें और हम अपने देश में सुरक्षित नहीं हैं।
10 एशियाई देशों से आए हैं प्रवासी
ये प्रवासी 10 एशियाई देशों से आए हैं, जिसमें ईरान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के लोग शामिल हैं। अमेरिका के लिए इन देशों में सीधा निर्वासन करना मुश्किल है, इसलिए पनामा को एक 'रास्ते का ठहराव' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह का एक और निर्वासन फ्लाइट के बुधवार को कोस्टा रिका पहुंचने की उम्मीद है।
प्रवासी को दी जा रही बुनियादी सुविधाएं
पनामा के सुरक्षा मंत्री फ्रैंक एब्रेगो ने कहा कि ये प्रवासी चिकित्सा सुविधा और भोजन प्राप्त कर रहे हैं। यह पूरी व्यवस्था अमेरिका और पनामा के बीच हुए एक समझौते के तहत हो रही है। अमेरिका इस पूरे ऑपरेशन का खर्च उठा रहा है। वहीं पनामा के राष्ट्रपति जोसे राउल मुलिनो, जो ट्रंप की पनामा नहर पर नियंत्रण को लेकर दी गई धमकियों के कारण राजनीतिक दबाव में हैं, ने पिछले गुरुवार को पहली डिपोर्टेशन फ्लाइट के आने की घोषणा की थी।
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लेकिन इन प्रवासियों की बंदी जैसी स्थिति को लेकर पनामा में चिंता बढ़ रही है। कुछ प्रवासियों की खिड़कियों से झांकते और मदद की अपील करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। हालांकि, मंत्री फ्रैंक एब्रेगो का कहना है कि ये लोग कैद में नहीं हैं, लेकिन फिर भी उन्हें होटल के कमरों से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। होटल की सुरक्षा पुलिस की तरफ से की जा रही है।
अपने देशों को लौटने के लिए तैयार प्रवासी
अब तक 299 में से 171 प्रवासी अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मदद से अपने-अपने देशों को लौटने के लिए तैयार हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचआरसी) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) बाकी 128 लोगों के लिए समाधान खोज रहे हैं, ताकि वे किसी तीसरे देश में बस सकें। एक आयरलैंड की नागरिक पहले ही अपने देश लौट चुकी है। जो प्रवासी अपने देश वापस जाने के लिए तैयार नहीं हैं, उन्हें पनामा के दारिएन प्रांत के एक विशेष केंद्र में रखा जाएगा। पनामा के मानवाधिकार विभाग ने मंगलवार को इन प्रवासियों की स्थिति को लेकर और जानकारी देने की घोषणा की है।
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10 एशियाई देशों से आए हैं प्रवासी
ये प्रवासी 10 एशियाई देशों से आए हैं, जिसमें ईरान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के लोग शामिल हैं। अमेरिका के लिए इन देशों में सीधा निर्वासन करना मुश्किल है, इसलिए पनामा को एक 'रास्ते का ठहराव' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह का एक और निर्वासन फ्लाइट के बुधवार को कोस्टा रिका पहुंचने की उम्मीद है।
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प्रवासी को दी जा रही बुनियादी सुविधाएं
पनामा के सुरक्षा मंत्री फ्रैंक एब्रेगो ने कहा कि ये प्रवासी चिकित्सा सुविधा और भोजन प्राप्त कर रहे हैं। यह पूरी व्यवस्था अमेरिका और पनामा के बीच हुए एक समझौते के तहत हो रही है। अमेरिका इस पूरे ऑपरेशन का खर्च उठा रहा है। वहीं पनामा के राष्ट्रपति जोसे राउल मुलिनो, जो ट्रंप की पनामा नहर पर नियंत्रण को लेकर दी गई धमकियों के कारण राजनीतिक दबाव में हैं, ने पिछले गुरुवार को पहली डिपोर्टेशन फ्लाइट के आने की घोषणा की थी।
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लेकिन इन प्रवासियों की बंदी जैसी स्थिति को लेकर पनामा में चिंता बढ़ रही है। कुछ प्रवासियों की खिड़कियों से झांकते और मदद की अपील करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। हालांकि, मंत्री फ्रैंक एब्रेगो का कहना है कि ये लोग कैद में नहीं हैं, लेकिन फिर भी उन्हें होटल के कमरों से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। होटल की सुरक्षा पुलिस की तरफ से की जा रही है।
अपने देशों को लौटने के लिए तैयार प्रवासी
अब तक 299 में से 171 प्रवासी अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मदद से अपने-अपने देशों को लौटने के लिए तैयार हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचआरसी) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) बाकी 128 लोगों के लिए समाधान खोज रहे हैं, ताकि वे किसी तीसरे देश में बस सकें। एक आयरलैंड की नागरिक पहले ही अपने देश लौट चुकी है। जो प्रवासी अपने देश वापस जाने के लिए तैयार नहीं हैं, उन्हें पनामा के दारिएन प्रांत के एक विशेष केंद्र में रखा जाएगा। पनामा के मानवाधिकार विभाग ने मंगलवार को इन प्रवासियों की स्थिति को लेकर और जानकारी देने की घोषणा की है।
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