2024 US Presidential Elections: बिना पूरी तैयारी के फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का एलान कर दिया जो बाइडन ने?
2024 US Presidential Elections: विश्लेषकों के मुताबिक बाइडन की टीम अभी चंदे के बारे में ब्योरा देने से इनकार कर रही है, जबकि चार साल पहले बाइडन के उम्मीदवारी की घोषणा करने के 24 घंटों के अंदर ऊनकी टीम ने 63 लाख डॉलर का चंदा जुटा लेने की जानकारी दे दी थी...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने 2024 के चुनाव में फिर से उम्मीदवार बनने का एलान तो कर दिया है, लेकिन उसके लिए उनकी तैयारी फिलहाल कमजोर दिख रही है। मीडिया रिपोर्टों में बाइडन के दोबारा चुनाव लड़ने संबंधी तैयारी की तुलना 2012 के चुनाव से पहले तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा की तैयारियों से की गई है। 2011 में मई तक ओबामा की तैयारियां जोर पकड़ चुकी थीं। डेमोक्रेटिक पार्टी के ओबामा दोबारा निर्वाचित होने वाले अब तक आखिरी राष्ट्रपति थे। उनके बाद राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं जीत सके।
वेबसाइट एक्सियोस.कॉम ने अपने एक विश्लेषण में कहा है कि बाइडन ने बिना अपनी प्रचार टीम बनाए दोबारा मैदान में उतरने का एलान कर दिया है। उनके पास वैसा संगठन नहीं है, जो पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का मुकाबला कर सके। ट्रंप ने अपनी उम्मीदवारी का एलान छह महीने पहले कर दिया था। इस वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक ‘बाइडन 2024’ कैंपेन टीम में अभी सिर्फ दो पूर्णकालिक कर्मचारी हैं। कैंपेन मैनेजर के रूप में जूली शावेज रोड्रिग्ज को नियुक्त किया गया है। लेकिन अभी दो और हफ्तों तक ये जिम्मेदारी नहीं संभाल सकेंगी। जानकारों के मुताबिक इसलिए ‘बाइडन 2024’ कैंपेन टीम में निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ठहरी हुई है।
बीते 25 अप्रैल को बाइडन के दोबारा चुनाव लड़ने की घोषणा करने के तुरंत बाद ब्लूमबर्ग ने खबर दी थी कि बाइडन की टीम तुरंत चंदा जुटाने का अभियान शुरू करने जा रही है। लेकिन एक हफ्ता गुजरने के बाद तक इस बारे में कोई सूचना नहीं है कि टीम ने कितना चंदा इकट्ठा किया है। इस बारे में पूछने पर कैंपेन टीम के प्रवक्ता ने वेबसाइट एक्सियोस कहा कि इस बारे में ब्योरा जून के अंत में जारी किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक ऐसा लगता है कि बाइडन चंदे और कर्मचारियों के लिए अपनी पार्टी पर निर्भर हैं। जबकि अमेरिका आम तौर पर उम्मीदवार अपनी टीम बना कर काम आगे बढ़ाते हैं।
बाइडन की टीम ने अभी तक यह एलान नहीं किया है कि उसकी तरफ से चंदा जुटने वाली टीम का नेतृत्व कौन करेगा। विश्लेषकों के मुताबिक बाइडन की टीम अभी चंदे के बारे में ब्योरा देने से इनकार कर रही है, जबकि चार साल पहले बाइडन के उम्मीदवारी की घोषणा करने के 24 घंटों के अंदर ऊनकी टीम ने 63 लाख डॉलर का चंदा जुटा लेने की जानकारी दे दी थी।
मीडिया टिप्पणियों में कहा गया है कि बाइडन और डेमोक्रेटिक पार्टी इस बार ट्रंप की कमजोरियों पर अधिक निर्भर करते दिख रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि गर्भपात अधिकार जैसे मुद्दों पर ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के विरोधी रुख के कारण डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक और प्रगतिशील मतदाता बाइडन के पक्ष में खुद गोलबंद होंगे। बाइडन की एप्रूवल रेटिंग (राष्ट्रपति के रूप में उनके कामकाज से संतुष्ट लोगों की संख्या) इस समय 40 फीसदी से भी कम है। इसे देखते हुए बाइडन की एकमात्र उम्मीद विरोधी उम्मीदवार की कमजोरी पर ही टिकी हुई है।