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दादी से मिलने के लिए 11 वर्षीय बच्चे ने पैदल तय किया 2800 किलोमीटर का सफर, 93 दिन में इटली से इंग्लैंड पहुंचा

Thu, 08 Oct 2020 04:00 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 08 Oct 2020 04:00 PM IST
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11-year-old boy walks 2800 km to meet grandmother, took 93 days to reach England from Italy
Romeo Cox - फोटो : Facebook/Romeo'sBigJourneyHome

दुनिया में फैले जानलेवा वायरस के चलते जहां लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलते हैं वहीं, एक बच्चा अपनी दादी से मिलने के लिए इतना बेताब था कि उसने रेलगाड़ी या हवाई जहाज के शुरू होने तक रुकना मुनासिब नहीं समझा और इटली से लंदन पैदल यात्रा की। सोशल मीडिया पर इस बच्चे की कहानी वायरल हो गई है।

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11 साल के रोमियो कॉक्स ने 20 जून को अपने 46 वर्षीय पिता फिल के साथ इटली के पूर्वी हिस्से में स्थित सिसली से लंदन के बीच 2800 किलोमीटर लंबा सफर शुरू किया था। इस दिलचस्प यात्रा के दौरान दोनों इटली, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और ब्रिटेन से होते हुए 21 सितंबर को लंदन पहुंचे। 
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93 दिन की यात्रा कर रविवार को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड के व्हिटनी नामक शहर में रह रही दादी रोजमेरी को अपनी आंखों से जी भरकर देखा। फिलहाल इस लंबी यात्रा के बाद दोनों को आइसोलेशन में रखा गया है, जिसके अवधि पूरी होने के बाद वे रोमियो की दादी रोजमैरी से मिल सकेंगे। जब दादी से मिला तो उन्होंने कहा कि उसने सचमुच अभूतपूर्व काम किया है और उसे उस पर गर्व है। दादी ने यह कहा कि इतनी गर्मजोशी से वह कभी किसी से नहीं मिली। 
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रोमियो ने बताया कि यह सफर बहुत रोमांचक और यादगार रहा। इस यात्रा के दौरान रोमियो ने जंगली कुत्तों का सामना किया और खुले आसमान के नीचे भी रात गुजारी। मधुमक्खियों के छत्ते के नीचे भी सोए। पैर जवाब देने लगे थे। सफर के दौरान दोनों कई बार रास्ता भी भटके। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 

रोमियो कहते हैं, "जैसे-जैसे हम दादी के नजदीक पहुंच रहे थे, मेरा उन्हें देखने को लेकर उत्साह और भी बढ़ रहा था। मैं जल्द से जल्द उनके गले से लगना चाहता था। हम करीब सालभर बाद मिल रहे हैं। दादी लॉकडाउन के कारण अकेले रहने को मजबूर थीं।" 

रोमियो के पिता ब्रिटेन के निवासी हैं और वे पिछले साल सिसली स्थित पालेरमो शहर गए थे। उनके साथ उनका बेटा भी गया था। इस दौरान कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन के चलते वे वहां फंस गए। हवाई उड़ानें भी बंद थीं। इन परिस्थियों में रोमियो ने पैदल ही दादी के पास पहुंचने का निर्णय कर लिया। पहले तो रोमियो ने पिता इसके लिए तैयार नहीं हुए लेकिन बेटे की जिद के आगे उनकी नहीं चली और वे दोनों पैदल यात्रा पर निकल पड़े। 

बच्चे का सपना पूरा हुआ
पेशे से पत्रकार और फिल्मकार फिल ने इस रोमांचक यात्रा की यादों को कैमरे में कैद किया है। रोमियो ने उन पलों को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया। फिल कहते हैं कि बच्चे की कल्पना को यात्रा में जीते हुए देखकर उन्हें बड़ी संतुष्टि मिली है। 


मदद के लिए धन भी जुटाया
दादी से मिलने के अलावा रोमियो और उनके पिता की इस ऐतिहासिक यात्रा का एक नेक मकसद भी था। वे अपनी इस यात्रा के जरिए प्रवासियों के लिए धन इकट्ठा करना चाहते थे। दोनों ने इस यात्रा से न सिर्फ सबको हैरान किया, बल्कि रिफ्यूजी एजुकेशन एक्रॉस कंफ्लिक्ट्स की सहायता के लिए 11.4 लाख रुपये की राशि भी जुटाई।

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